सोशल संवाद/रांची : झारखंड सरकार ने पेसा नियमावली (पंचायत उपबंध, अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम) को मंजूरी दे दी है। इसमें ग्राम सभाओं को विशेष शक्ति और दायित्व दिए गए हैं। क्षेत्र में खनन और जमीन अधिग्रहण के लिए अब ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य होगी। इसके अलावा, ग्रामसभा को लघु वन उपज के उपयोग, स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, जल संसाधन प्रबंधन के भी अधिकार प्राप्त होंगे।
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट की बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगी। आइए समझते हैं कि पेसा नियमावली से ग्रामसभा को कौन-कौन सी शक्तियां मिल जाएंगी।
सामान्य अपराधों पर सुनवाई की शक्ती
झारखंड में घर में चोरी, मवेशी चोरी और सामान्य अपराधों की सुनवाई के अलावा भूमि कब्जे की कोशिश, हल्की मारपीट जैसे अपराधों की सुनवाई ग्राम सभा करेगी। इसके अलावा ग्रामसभा ही पंचायतों के स्कूल,स्वास्थ्य केंद्र संचालन, शिक्षकों, डॉक्टरों, पारा मेडिकलकर्मी पर ग्राम सभा कार्रवाई की अनुशंसा करेगी।
शराब की दुकान खुलने पर नियंत्रण
पेसा नियमावली लागू होने के बाद अब झारखंड में देसी या विदेशी शराब की दुकान ग्रामसभा की अनुमति के बाद ही खुलेगी। ग्रामसभा के निर्णयों की अवहेलना कर शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी।
मछली पालन का करेगी निर्णय
पेसा नियमावली के तहत एक एकड़ से कम वाले जल क्षेत्र पर ग्रामसभा का नियंत्रण होगा। ग्रामसभा ही इस क्षेत्र में मछली पालन का निर्णय करेगी। उस तालाब से निकली मछली के उपयोग का फैसला भी ग्रामसभा ही करेगी। इसके अलावा शराब दुकान, छोटी चोरियां, स्कूल और अस्पतालों पर ग्रामसभा नजर रखेगी।










