सोशल संवाद / डेस्क : देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ पर मिलने वाली ब्याज दर को 8.25% पर ही बरकरार रखने का फैसला किया है। इससे करोड़ों कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट फंड पर स्थिर और सुरक्षित रिटर्न मिलता रहेगा।
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लगातार दूसरे साल नहीं बदली ब्याज दर
EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक में यह फैसला लिया गया कि 2025-26 में भी पीएफ जमा राशि पर 8.25% ब्याज दिया जाएगा। इससे पहले 2023-24 में ब्याज दर को 8.15% से बढ़ाकर 8.25% किया गया था और तब से यही दर लागू है।
इस फैसले से देशभर के करोड़ों पीएफ खाताधारकों को फायदा होगा और उनकी बचत पर स्थिर रिटर्न मिलता रहेगा।
जून से सितंबर के बीच खातों में आएगा ब्याज
आमतौर पर EPFO हर वित्त वर्ष के लिए तय ब्याज को बाद में खातों में क्रेडिट करता है।
सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद पीएफ का ब्याज जून से सितंबर के बीच कर्मचारियों के खातों में जमा किया जाता है।
हालांकि अगर ब्याज क्रेडिट होने में थोड़ा समय भी लगता है, तब भी खाताधारकों को पूरा ब्याज मिलता है क्योंकि इसे पूरे साल के हिसाब से जोड़ा जाता है।

करोड़ों कर्मचारियों को होगा फायदा
देश में EPFO के 7 करोड़ से ज्यादा सक्रिय सदस्य हैं। पीएफ खाते में जमा राशि पर मिलने वाला यह ब्याज कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट सेविंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पीएफ क्यों है सुरक्षित निवेश
- सरकारी निगरानी में संचालित योजना
- तय और स्थिर ब्याज दर
- टैक्स लाभ का फायदा
- रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित बचत
इस तरह 2025-26 में भी पीएफ खाताधारकों को 8.25% ब्याज का फायदा मिलता रहेगा, जिससे उनकी दीर्घकालिक बचत मजबूत होगी।










