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पीएम मोदी सदन में दो तिहाई नंबर लाने के लिए विपक्षी दलों को तोड़ने का हर हथकंडा अपना रहे – संजय सिंह

By Riya Kumari

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पीएम मोदी सदन में दो तिहाई नंबर लाने के लिए विपक्षी दलों को तोड़ने का हर हथकंडा अपना रहे - संजय सिंह
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सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ईडी का डर दिखाकर विपक्षी दलों के सांसदों और विधायकों को तोड़ रही ईडी पार्टी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को हर हाल में लोकसभा और राज्यसभा के सदन में दो तिहाई नंबर चाहिए। यह नंबर हासिल करने के लिए ही ईडी पार्टी ईडी का डर दिखाकर विपक्षी दलों को तोड़ रही है।

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हालांकि  ईडी पार्टी के लिए दोनों सदनों में दो तिहाई नंबर लाना मुश्किल काम है, लेकिन फिर भी पूरी ताकत लगा दी है। मेरा मानना है कि  किसी सांसद का ईडी के डर से अपनी पार्टी और जनता की पीठ में छुरा मारकर दूसरे दल में जाना बहादुरी नहीं, कायरता है।

बुधवार को मीडिया से बातचीत में “आप” के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि इतिहास हमेशा बहादुरों का लिखा जाता है, कायरों का कोई इतिहास नहीं लिखा जाता। अगर कोई ईडी, सीबीआई और पुलिस से डरकर आज ईडी पार्टी जॉइन करने जा रहा है, तो वह अपने क्षेत्र की जनता को क्या मुंह दिखाएगा? शिवसैनिक तो बड़े बहादुर माने जाते हैं और वे बाला साहब का नाम लेते हैं।

बाला साहब ने तो इन लोगों को यह कायरता नहीं सिखाई थी कि अपनी ही पार्टी और अपनी ही जनता की पीठ में छुरा मारकर वे दूसरे दल में शामिल हो जाएं। अगर किसी को लाखों लोगों ने वोट दिया है, तो यह बात कहीं से भी ठीक नहीं है कि वह जांच एजेंसियों के थोड़े से धमकाने से डर जाए और ईडी पार्टी के आगे घुटने टेक दे।

संजय सिंह ने आगे कहा कि इस समय ईडी पार्टी के मुखिया नरेंद्र मोदी का मकसद किसी भी तरीके से सदन में दो-तिहाई नंबर पूरा करना है। उसके लिए येन-केन-प्रकारेण जैसे भी उनसे बन सकेगा, वे पार्टियों को तोड़ने का काम करेंगे। यह है तो बहुत मुश्किल काम, लेकिन जिस तरह से ये पार्टियों को तोड़ने में लगे हुए हैं, उस पर अभी कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगी।

डीलिमिटेशन बिल के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि अभी तो इनके सामने डीलिमिटेशन का ही बिल है और उसके बाद वन नेशन वन इलेक्शन है। अगर वन नेशन वन इलेक्शन हो गया, तो इस देश की बाकी क्षेत्रीय पार्टियां अपने आप खत्म हो जाएंगी और उनका वजूद ही मिट जाएगा।

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