सोशल संवाद / डेस्क : तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के दिवंगत नेता एम. करुणानिधि को लेकर मंत्री के एक बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री द्वारा करुणानिधि का सीधे नाम लेकर संबोधित किए जाने पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
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मंत्री के बयान पर बढ़ा विवाद
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने एम. करुणानिधि का उल्लेख सीधे उनके नाम से किया। डीएमके में करुणानिधि को लेकर गहरी भावनात्मक और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए उनके इस संबोधन पर आपत्ति जताई गई।
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंत्री के बयान पर खेद जताया और माफी मांगी।
स्टालिन ने जताया खेद
मुख्यमंत्री ने कहा कि करुणानिधि पार्टी और तमिल समाज के लिए बेहद सम्मानित व्यक्तित्व रहे हैं। ऐसे में उनके नाम का इस्तेमाल किस तरह किया जाए, इसे लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
स्टालिन की माफी के बाद मामले को शांत करने की कोशिश की गई।
करुणानिधि का डीएमके में बड़ा कद
एम. करुणानिधि तमिलनाडु की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वह कई बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे और दशकों तक डीएमके की राजनीति के केंद्र में रहे।
उनके निधन के बाद भी पार्टी में उनका प्रभाव और विरासत महत्वपूर्ण बनी हुई है। यही वजह है कि करुणानिधि को लेकर नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर पार्टी के भीतर विशेष संवेदनशीलता देखने को मिलती है।
चुनावी माहौल के बीच बढ़ी चर्चा
तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे समय में डीएमके के भीतर करुणानिधि की विरासत और उनके सम्मान से जुड़े मुद्दे राजनीतिक रूप से भी अहम माने जा रहे हैं।
मंत्री के बयान और उसके बाद मुख्यमंत्री की माफी ने राज्य की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।









