सोशल संवाद/डेस्क: वरिष्ठ आदिवासी नेता और झारखंड आंदोलन के मजबूत स्तंभ रहे दिवंगत शिबू सोरेन को Padma Bhushan सम्मान दिए जाने के बाद देश की राजनीति में प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। सम्मान की घोषणा होते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने-अपने बयान दे रहे हैं। इसी क्रम में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि शिबू सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं थे, बल्कि वे आदिवासी समाज की चेतना, स्वाभिमान और अधिकारों की सबसे मजबूत आवाज थे।
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पप्पू यादव ने कहा कि दशकों तक चले आदिवासी संघर्ष का नेतृत्व करने वाले शिबू सोरेन के लिए भारत रत्न से कम कोई भी सम्मान पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पद्म भूषण दिए जाने को आदिवासी समाज के योगदान को कमतर आंकने वाला कदम बताया और कहा कि ऐसे जननेता को किसी औपचारिक सम्मान की जरूरत नहीं होती, क्योंकि उनका सम्मान जनता के दिलों में पहले से ही स्थापित है।
दूसरी ओर, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी भावुक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शिबू सोरेन को “जनता का सच्चा रत्न” बताते हुए कहा कि झारखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के आदिवासी समाज के दिलों में गुरुजी का स्थान सर्वोच्च है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान की घोषणा पर आभार जताते हुए कहा कि शिबू सोरेन का जीवन सामाजिक न्याय, समानता, आदिवासी पहचान, शिक्षा और हाशिये पर खड़े वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा।
हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि शिबू सोरेन के लंबे संघर्ष और बलिदान की बदौलत झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला, जिससे यहां के लोगों को अपनी अलग पहचान और स्वाभिमान मिला। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाली पीढ़ियां भी गुरुजी को एक महान जननेता और आदिवासी समाज के सच्चे नायक के रूप में याद करती रहेंगी।










