सोशल संवाद/डेस्क: Bihar Election में एनडीए की बड़ी जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है, जैसा कि सरकार गठन की प्रक्रिया का हिस्सा होता है। अब सभी की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि नई कैबिनेट में कौन शामिल होगा और सत्ता संतुलन कैसे बनेगा।

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इसी बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत में संकेत दिए हैं कि शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को आयोजित किया जाएगा और इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन जो फॉर्मूला मीडिया में सामने आ रहा है, वह कुछ इस प्रकार हो सकता है।
अनुमानित कैबिनेट फॉर्मूला:
| पार्टी | संभावित मंत्री |
|---|---|
| BJP | 16 |
| JDU | 14–15 |
| LJP (रामविलास) | 3 |
| HAM (सेक्युलर) | 1 |
| राष्ट्रीय लोक मोर्चा | 1 |
जीतन राम मांझी ने कहा कि ये आंकड़े फिलहाल अनुमान हैं और अंतिम सूची शपथ ग्रहण से ठीक पहले तय की जाएगी। उन्होंने बिहार की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जीत विकास, स्थिरता और नेतृत्व में विश्वास का परिणाम है।
पटना में भी बढ़ी हलचल
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पटना जिले से इस बार दो विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इससे पहले भी पटना जिले से दो मंत्री रहे थे, इसलिए उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच संभावित नामों को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
क्या आगे हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस बार कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और अनुभव को खास तवज्जो दी जा सकती है। चुनाव के दौरान जो मुद्दे उभरे, उन्हें देखते हुए शिक्षा, उद्योग, रोजगार और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभागों पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।









