सोशल संवाद / रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया है, जिससे एक क्लिक पर पूरे राज्य के वन क्षेत्रों का अवलोकन कर उनके वास्तविक स्वरूप, संरचना और वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध हो सके। इसके लिए उन्होंने वन क्षेत्रों के डिजिटल मैप की लेयरिंग एक माह में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

यह भी पढे : ज़ेवियर पब्लिक स्कूल, डोरकासाई में सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
प्रोजेक्ट भवन में सोमवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की कार्य प्रगति की समीक्षा के दौरान सीएम ने राज्य के वन संसाधनों के संरक्षण, विकास और वैज्ञानिक प्रबंधन को नई दिशा प्रदान करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद से अब तक के सभी वन क्षेत्रों का टेक्निकल एवं डिजिटल रिकॉर्ड एक माह के भीतर तैयार किया जाए। कहा कि राज्य निर्माण के बाद वन क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं।
कहीं वनों का विस्तार हुआ है तो कहीं इको-टूरिज्म परियोजनाएं और गेस्ट हाउस विकसित हुए हैं। दूसरी ओर, वनों की कटाई, खनन क्षेत्रों के विस्तार तथा वन्यजीव अभयारण्यों व राष्ट्रीय उद्यानों की सीमाओं में भी बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसे में वन क्षेत्रों का अद्यतन एवं वैज्ञानिक डिजिटल दस्तावेज तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी पेड़ों की वैज्ञानिक तरीके से कटाई की योजना तैयार करें।
एक पेड़ लगाने पर पांच यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य के शहरी क्षेत्रों में पौधरोपण बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। कहा कि राज्य सरकार द्वारा पेड़ लगाओ, फ्री बिजली पाओ योजना का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। ज्यादा लोग इस अभियान से जुड़ें। इसके तहत एक पेड़ लगाने पर पांच यूनिट बिजली मुफ्त देने की योजना है। सीएम ने इको टूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए बेहतर प्लान के साथ बढ़ने का निर्देश दिया। पौधरोपण स्थानीय इको सिस्टम के अनुरूप हो।









