सोशल संवाद/डेस्क: बांग्लादेश में हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर देशभर में नाराजगी का माहौल है। इन घटनाओं के विरोध में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद/राष्ट्र चेतना, जमशेदपुर के नेतृत्व में 28 दिसंबर, रविवार को साकची गोलचक्कर पर आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यह प्रदर्शन शाम 4 बजे शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और राष्ट्रवादी संगठनों के शामिल होने की संभावना है।
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परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि यह प्रदर्शन सिर्फ विरोध दर्ज कराने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय चेतना और मानवता के समर्थन में उठाई जा रही सामूहिक आवाज है। पूर्व सैनिकों का मानना है कि जब कहीं भी अत्याचार और अन्याय होता है, तब उस पर मौन रहना कायरता के समान है।
परिषद के नेताओं ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा कर चुके सैनिकों का यह नैतिक दायित्व है कि वे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर आज समाज चुप रहा, तो आने वाली पीढ़ियां सवाल करेंगी। यही कारण है कि यह प्रदर्शन एक चेतावनी और संदेश दोनों है कि भारत का समाज अन्याय को सहन नहीं करेगा।
आयोजकों ने बताया कि यह आक्रोश प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से किया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए कैप पहनना ड्रेस कोड के रूप में तय किया गया है।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने जमशेदपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के सभी सामाजिक, धार्मिक और राष्ट्रवादी संगठनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में साकची गोलचक्कर पहुंचकर इस प्रदर्शन को समर्थन दें और अपना विरोध दर्ज कराएं।










