सोशल संवाद / नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर त्यागराज स्टेडियम में ‘दिल्ली उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सहायता योजना’ के तहत आर्थिक रूप से कमजोर, मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति की राशि सौंपी। मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय की ओर से लाई गई इस योजना के तहत दिल्ली के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे 1709 विद्यार्थियों को कुल 25.25 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि वितरित की।

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मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनको छात्रवृत्ति देना उनके उज्ज्वल भविष्य में दिल्ली सरकार का निवेश है। स्कॉलरशिप वितरण हमारे युवाओं के भविष्य को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम है। कार्यक्रम में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद् और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के अंतर्गत 1709 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 25.25 करोड़ की स्कॉलरशिप की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान लंबित पड़ी 19 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि भी उनकी सरकार की ओर से दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए तय की गई कोई भी राशि अब लंबित नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वामी विवेकानंद के विचारों और जीवन दर्शन का अध्ययन जरूर करें। वे अपने करियर में निरंतर आगे बढ़ें और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रयासरत रहें। जब युवा आगे बढ़ेंगे, तभी देश भी आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में अमृतकाल के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है। वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा शक्ति की सबसे बड़ी भूमिका है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश की प्रगति केवल सरकारों या नीतियों के माध्यम से नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी और सक्रिय सहभागिता से ही संभव है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली में अब शिक्षा पर राजनीति नहीं होगी, बल्कि राजनीति केवल और केवल शिक्षा के सुधार के लिए होगी। यह बदलाव किसी भाषण से नहीं, बल्कि नीति और नीयत से आया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में चलने वाली हमारी सरकार का मूल मंत्र है अंत्योदय यानी व्यवस्था का पहला लाभ उस छात्र तक पहुंचे जो सबसे पीछे खड़ा है और सबसे आगे जाने का सपना देखता है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार का उद्देश्य साफ है, समस्याओं को छुपाना नहीं, समस्याओं को सॉल्व करना। इसी सोच के कारण नरेला एजुकेशन सिटी का निर्माण हो रहा है, जिसका बजट 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपये किया गया है। विश्वविद्यालयों के लिए साझा कैंपस, इंटरनेशनल लेवल के कैंपस, ऑडिटोरियम, लाइब्रेरी, डिजिटल लाइब्रेरी, आईसीटी लैब यह सब 160 एकड़ में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकसित किया जाएगा। वर्षों से रुकी हुई इस योजना को भी मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में लागू किया गया है। दिल्ली शिक्षा के दम पर लीडर्स बनाकर एक्सपोर्ट करेगी।
मेधावी छात्रों के लिए है योजना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में ‘दिल्ली उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सहायता योजना’ का संचालन किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की उच्च शिक्षा बाधित न हो।
योजना के अंतर्गत दिल्ली के विद्यालयों से न्यूनतम 75 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों को, निर्धारित आय मानकों की पूर्ति करने पर, वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पात्र विद्यार्थियों को दी जाने वाली सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।










