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राहुल गांधी ने की तमिलनाडु के गुडलूर स्थित सेंट थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में शिरकत

By Riya Kumari

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कांग्रेस ने चीन मुद्दे पर भाजपा के दोहरे रवैये
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सोशल संवाद / नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को तमिलनाडु के गुडलूर स्थित सेंट थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए शिक्षा, लोकतंत्र, पर्यावरण और देश के भविष्य पर अपने विचार साझा किए।

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छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह सूचना का युग है, जहां जानकारी हर जगह उपलब्ध है, लेकिन स्कूल का असली काम छात्रों को यह सिखाना है कि उस सूचना को ज्ञान में कैसे बदलें और सबसे महत्वपूर्ण बात- बुद्धिमत्ता के साथ व्यवहार कैसे करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सूचना के इस युग में हमारे पास बुद्धिमत्ता नहीं होगी, तो यह दुनिया एक अप्रिय स्थान बन जाएगी।

राहुल गांधी ने शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि स्कूलों का कार्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को समझदार और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि अपने 20 वर्षों के राजनीतिक अनुभव में उन्होंने सीखा है कि विनम्रता सबसे महत्वपूर्ण मूल्य है। विनम्रता समझ की कुंजी है। विनम्रता ही लोगों का सम्मान करने का मार्ग है और विनम्रता ही एक महान राष्ट्र के निर्माण का आधार है। छात्रों को संदेश देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे निडर रहें, अपने सिद्धांतों पर दृढ़ रहें, किसी के दबाव में न आएं, अपने लक्ष्य में उत्कृष्टता प्राप्त करें, लेकिन विनम्रता कभी न छोड़ें।

उन्होंने विद्यालय के उस वातावरण की सराहना की जहां लोग एक-दूसरे की बात सुनते हैं और एक-दूसरे के प्रति प्यार, स्नेह, सम्मान और दया की भावना रखते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनका भी यही संघर्ष है। वे भी एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान देना चाहते हैं जहां लोग एक-दूसरे के प्रति दयालु हों, एक-दूसरे की बात सुनें, एक-दूसरे का सम्मान करें और एक-दूसरे की भाषा और धर्म का आदर करें।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि आज भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ता में बैठे लोग चुनाव आयोग और अन्य संस्थानों को कमजोर कर रहे हैं तथा असहमति रखने वालों को डराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे सवाल पूछने से न डरें, साहसी और आत्मविश्वासी बनें।

भारत की विविधता पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में अनेक भाषाएं, धर्म और संस्कृतियां हैं, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी को भी भाषा, धर्म या पहचान के आधार पर किसी को धमकाने या उस पर हमला करने का कोई अधिकार नहीं है।

पर्यावरण के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश नहीं किया जा सकता। उन्होंने अरावली और अन्य क्षेत्रों में हो रहे पर्यावरणीय नुकसान को असीमित लालच का परिणाम बताया और कहा कि पर्यावरण केवल वर्तमान पीढ़ी का नहीं, बल्कि देश के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।

राहुल गांधी ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा अत्यधिक महंगी नहीं होनी चाहिए और इसे पूरी तरह निजीकरण के हवाले नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा में निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आईटी और सेवा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग तथा लघु और मध्यम उद्योगों में भी नौकरियां पैदा करनी होंगी ।

राहुल गांधी ने कहा कि भारत ने आईटी क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण यह क्षेत्र आने वाले समय में चुनौतियों का सामना करेगा। ऐसे में भारत को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करना होगा ताकि चीन के वर्चस्व को चुनौती दी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कारीगरों, किसानों, श्रमिकों और हाथ से काम करने वाले लोगों के प्रति सम्मान की संस्कृति विकसित करना जरूरी है।

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