Rajasthan Roadways Bus News: 70 साल बाद गांव पहुंची पहली बस, जश्न में डूबे ग्रामीण

By Tamishree Mukherjee

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Kerot Village First Rajasthan Roadways Bus

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सोशल संवाद / डेस्क : देश में जहां एक ओर आधुनिक एक्सप्रेस-वे पर फाइटर जेट की लैंडिंग जैसी घटनाएं सुर्खियां बटोरती हैं, वहीं दूसरी ओर आज भी कई ऐसे गांव हैं जहां लोगों को बुनियादी परिवहन सुविधा के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। राजस्थान के केकड़ी क्षेत्र से ऐसी ही एक भावुक तस्वीर सामने आई है, जहां पहली बार रोडवेज बस पहुंचने पर ग्रामीणों ने उसे किसी मेहमान की तरह स्वागत किया।

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पहली बार बस पहुंची तो गांव में मना उत्सव

राजस्थान के केरोट और कूरथल गांव में पहली बार राजस्थान रोडवेज की बस पहुंची। बस के गांव में प्रवेश करते ही लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ग्रामीणों ने बस पर फूल बरसाए, पूजा-अर्चना की, आरती उतारी और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। बस के चालक और परिचालक का भी फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।

13 नई बसों से बदली तस्वीर

जानकारी के अनुसार, 1 अगस्त को केकड़ी रोडवेज डिपो में 13 नई बसों को शामिल किया गया। नई बसों के आने से उन रूटों पर भी रोडवेज सेवा शुरू हो सकी, जहां पहले बसें नहीं चलती थीं। इसी के तहत अब केरोट और कूरथल गांव भी रोडवेज नेटवर्क से जुड़ गए हैं।

ब्यावर-कोटा रूट से मिलेगा सीधा लाभ

ग्रामीणों ने बताया कि ब्यावर-कोटा मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसें अब उनके गांव से होकर गुजरेंगी। इससे छात्रों, किसानों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को शहर आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी। पहले लोगों को बस पकड़ने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था।

विधायक का जताया आभार

गांव के लोगों ने इस बस सेवा की शुरुआत के लिए स्थानीय विधायक शत्रुघ्न गौतम का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके लगातार प्रयासों की वजह से वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सकी और गांव को पहली बार नियमित रोडवेज बस सेवा मिली।

ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद

यह बस सेवा केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि गांव के विकास की नई शुरुआत मानी जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। वर्षों से सड़क परिवहन सुविधा का इंतजार कर रहे ग्रामीणों के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं रहा।

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