सोशल संवाद/ डेस्क: रक्षाबंधन का त्योहार हर साल श्रावण मास के पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस साल रक्षा बंधन का त्योहार 9 अगस्त को मनाया जाएगा। वहीं इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा मुक्त समय में मनाया जाएगा। काशी के पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि दोपहर में ही लग जाएगी। इसलिए उदया तिथि के कारण रक्षा बंधन का पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा।
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श्रावण मास पूर्णिमा तिथि का शुभारंभ 8 अगस्त को दोपहर 1:40 मिनट पर होकर समापन 9 अगस्त को दोपहर 1:24 मिनट पर होगा l भद्रा 8 अगस्त को रात में1:31 पर समाप्त हो रही है l इस तरह से इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्रा बाधक नहीं है l लेकिन इस दिन राहुकाल रहेगा। इसलिए कोशिश करें कि राहुकाल में राखी बांधने से बचें। राहुकाल रक्षाबंधन पर सुबह 9:07 मिनट से 10:47 तक रहेगा।इसलिए इस समय में राखी नहीं बांधनी चाहिए। उसके बाद आप अपने भाइयों को राखी बांध सकते है।
राहुकाल , पंचक और भद्रा में क्यों नहीं बांधी जाती राखी
कहा जाता है कि राहुकाल और भद्रा के समय राखी नहीं बांधनी चाहिए। दरअसल राहुकाल के समय राहु की नेगेटिव एनर्जी एक्टिव होती हैं, इसलिए इस दिन राखी बांधने से बचना चाहिए। आपको बता दें कि इस साल रक्षा बंधन के अगले दिन 10 अगस्त को पंचक भी लग रहे हैं।
यह रोग पंचक हैं। भद्रा में भी राखी नहीं बांधी जाती क्योंकि भद्रा में रावण की बहन ने रावण को राखी बांधी थी, इसलिए इस समय राखी नहीं बांधी जाती। कहा जाता है कि भद्रा शनिदेव की बहन और सूर्य की पुत्री हैं। रक्षाबंधन कुछ विशेष शुभ योगों बन रहे हैं। जिसमें सौभाग्य योग, सर्वार्थ सिद्धियोग और श्रवण नक्षत्र व मकर राशि में चन्द्रमा होगा l इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध कर अपने भाई के सुख – सौभाग्य और आरोग्यता की कामना करती हैं।










