सोशल संवाद / डेस्क : Jharkhand की राजधानी Ranchi से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। झारखंड विधानसभा सचिवालय में सहायक पद पर कार्यरत अंजना तिवारी गॉलब्लैडर का ऑपरेशन कराने अस्पताल गई थीं, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार, सहकर्मियों और विधानसभा कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

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अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
परिजनों और सहकर्मियों ने Santevita Hospital पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक सामान्य ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय चूक हुई, जिसकी वजह से अंजना तिवारी की जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

विधानसभा परिसर में धरना
घटना के विरोध में झारखंड विधानसभा के कर्मचारी शव के साथ विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग की।
सहकर्मियों में शोक का माहौल
सहकर्मियों के अनुसार अंजना तिवारी बेहद मिलनसार और जिम्मेदार कर्मचारी थीं। उनकी अचानक मौत से पूरे सचिवालय में शोक का माहौल है। कर्मचारी लगातार परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज
मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है। परिजन चाहते हैं कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग सोशल मीडिया पर भी मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।










