सोशल संवाद/डेस्क : Jharkhand Municipal Election 2026 को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव से पहले नामांकन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राजधानी रांची नगर निगम में मेयर पद के लिए कुल 10 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। खास बात यह है कि भले ही यह चुनाव औपचारिक रूप से दलीय आधार पर नहीं हो रहा हो, लेकिन भाजपा, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) से जुड़े दिग्गज नेताओं की सक्रियता ने चुनाव को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया है।

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रांची में मेयर पद के लिए 10 नामांकन
मंगलवार को रांची नगर निगम क्षेत्र के लिए मेयर पद पर नामांकन दाखिल करने वालों में रमा खलखो, सुनील फकीरा कच्छप, देवी दयाल मुंडा, कथरीना तिर्की, सोनू खलखो, राजेंद्र मुंडा, सुजाता कच्छप, विनोद कुमार बड़ाईक, संजय कुमार टोप्पो और प्रवीण कच्छप शामिल हैं। ये सभी उम्मीदवार अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं, जिससे मुकाबला रोचक होने की संभावना बढ़ गई है।
53 वार्डों के लिए 197 प्रत्याशी
रांची नगर निगम के 53 वार्डों के लिए कुल 197 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। इनमें 118 महिलाएं शामिल हैं, जो स्थानीय राजनीति में महिला भागीदारी के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। नामांकन प्रक्रिया बुण्डू अनुमंडल कार्यालय में बनाए गए निर्वाची पदाधिकारी के कक्ष में पूरी की गई।
मानगो में भी मेयर पद पर चर्चा
सिर्फ रांची ही नहीं, बल्कि मानगो नगर निगम में भी मेयर पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। यहां पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी ने मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। उनके मैदान में उतरने से यह सीट भी हाई-प्रोफाइल बन गई है और मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद जताई जा रही है।
दलीय चुनाव नहीं, फिर भी पार्टियों की भूमिका
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि झारखंड में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं कराए जाएंगे। हालांकि, जमीनी स्तर पर राजनीतिक दलों का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। भाजपा, कांग्रेस और जेएमएम अपने-अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को अप्रत्यक्ष समर्थन दे रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो गया है।
भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग से की शिकायत
इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के कुछ नेताओं ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। पार्टी का कहना है कि 27 जनवरी 2026 को चुनाव की घोषणा के बाद भी जेएमएम के देवघर जिला अध्यक्ष ने अपने लेटरहेड पर मेयर पद के उम्मीदवार की घोषणा कर दी, जो नियमों के खिलाफ है।
आचार संहिता उल्लंघन का आरोप
भाजपा के अनुसार, यह कदम न केवल आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है, बल्कि उस हलफनामे के भी खिलाफ है, जिसमें सरकार ने उच्च न्यायालय के समक्ष कहा था कि निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं होंगे। इस शिकायत के बाद राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका भी अहम हो गई है।
मतदान से पहले बढ़ेगा सियासी तापमान
23 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और रणनीतिक बैठकों का दौर और तेज होने की संभावना है। रांची समेत पूरे झारखंड में नगर निकाय चुनाव स्थानीय विकास, नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं।










