Responsive Full Width Slider

आवासीय क्षेत्रों के सर्वे पर सत्या शर्मा ने कहा, वैध कारोबारियों को घबराने की जरूरत नहीं

By Riya Kumari

Published :

Follow
आवासीय क्षेत्रों के सर्वे पर सत्या शर्मा ने कहा, वैध कारोबारियों को घबराने की जरूरत नहीं

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत आवासीय क्षेत्रों में गैर-आवासीय उपयोग वाले परिसरों के सर्वे को लेकर राजधानी में फैले भ्रम के बीच दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली मास्टर प्लान 2021 तथा दिल्ली स्पेशल प्रोविज़न्स एक्ट के तहत संरक्षित परिसरों और वैध व्यावसायिक गतिविधियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने व्यापारियों और संपत्ति मालिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।

यह भी पढे : दिल्ली में अब चालान टालना पड़ेगा भारी, तय समय में करना होगा भुगतान: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

सत्या शर्मा ने कहा कि सर्वे का उद्देश्य केवल उन मामलों की पहचान करना है, जहां नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो कारोबारी मास्टर प्लान 2021 के प्रावधानों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं, उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। “यह सर्वे अवैध उपयोग, बड़े स्तर पर व्यावसायिक अतिक्रमण और गैर-कानूनी गतिविधियों की पहचान के लिए किया जा रहा है, न कि छोटे और वैध कारोबारियों को परेशान करने के लिए,” उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान दिल्ली 2021 में मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) और स्थानीय सुविधा आधारित व्यापार के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत आवासीय क्षेत्रों में सीमित आकार की दुकानें, सेवा प्रतिष्ठान और प्रोफेशनल गतिविधियां अनुमत हैं। मास्टर प्लान के प्रावधानों के अनुसार रिहायशी क्षेत्रों में 20 वर्ग मीटर तक की दुकानों को अनुमति है और 24 श्रेणियों की गतिविधियां वैध रूप से संचालित हो सकती हैं।

इन 24 श्रेणियों में किराना स्टोर, फल-सब्जी, दवा दुकान, डेयरी, स्टेशनरी, दर्जी, ब्यूटी पार्लर, ड्राई क्लीनर, साइबर सेवा, मोबाइल मरम्मत, फोटोकॉपी, ट्रैवल एजेंसी, क्लिनिक, पैथोलॉजी, ट्यूशन सेंटर, छोटी खाद्य सेवा इकाइयां और अन्य स्थानीय सुविधा आधारित सेवाएं शामिल हैं। सत्या शर्मा ने कहा कि ये सभी गतिविधियां यदि निर्धारित मानकों के अनुसार चल रही हैं, तो उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

स्थायी समिति अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली स्पेशल प्रोविज़न्स एक्ट के तहत जिन परिसरों को संरक्षण प्राप्त है, वे भी सुरक्षित रहेंगे। यह कानून उन क्षेत्रों को अस्थायी राहत देता है, जहां नियमितीकरण या पुनर्विकास की प्रक्रिया लंबित है। ऐसे मामलों में अंतिम नीति लागू होने तक दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती। सत्या शर्मा ने कहा कि सर्वे को लेकर बाजारों में जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह अनावश्यक है। “नियमों के दायरे में चल रहे व्यापार को कोई नुकसान नहीं होगा।

उन्होंने व्यापारिक संगठनों से संवाद बनाए रखने की बात भी कही और भरोसा दिलाया कि किसी भी वैध कारोबारी के हितों को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। उनके इस बयान से राजधानी के बाजारों और संपत्ति मालिकों में फैली चिंता काफी हद तक कम हुई है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---