सोशल संवाद / डेस्क : रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने तमिलनाडु में ₹20 की कीमत पर ‘जॉयलैंड’ फ्लेवर्ड मिल्क लॉन्च किया है। स्ट्रॉबेरी और वनीला जैसे फ्लेवर में पेश किया गया यह ड्रिंक कंपनी की रेडी-टू-ड्रिंक डेयरी बाजार में एंट्री को दर्शाता है। सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में कैंपा के जरिए अपनी मौजूदगी बढ़ाने के बाद रिलायंस अब फ्लेवर्ड मिल्क सेगमेंट में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है।
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₹20 में मिलेगा Joyland Flavoured Milk
रिलायंस का नया ब्रांड जॉयलैंड उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है, जो आसानी से उपलब्ध होने वाले पैक्ड डेयरी ड्रिंक्स पसंद करते हैं। कंपनी के मुताबिक, यह ड्रिंक डेयरी इंग्रीडिएंट्स से तैयार किया जाएगा और शुरुआती चरण में स्ट्रॉबेरी तथा वनीला जैसे फ्लेवर में उपलब्ध होगा।
₹20 की कीमत पर लॉन्च किया गया यह प्रोडक्ट बाजार में पहले से मौजूद फ्लेवर्ड मिल्क ब्रांड्स को चुनौती दे सकता है। हालांकि, इस कीमत पर दूसरे लोकप्रिय ब्रांड भी उपलब्ध हैं, इसलिए जॉयलैंड की सफलता उसकी उपलब्धता, स्वाद, गुणवत्ता और ग्राहकों की पसंद पर निर्भर करेगी।
तमिलनाडु से शुरू हुआ Joyland का सफर
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के डायरेक्टर टी. कृष्णकुमार के मुताबिक, रेडी-टू-ड्रिंक डेयरी बाजार में कंपनी की एंट्री उसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने और ग्राहकों को अधिक विकल्प देने की दिशा में एक अहम कदम है।
उन्होंने बताया कि तमिलनाडु जॉयलैंड की शुरुआत है। कंपनी की योजना आने वाले समय में इसे डेयरी ड्रिंक्स के व्यापक पोर्टफोलियो के रूप में विकसित करने और धीरे-धीरे पूरे भारत में इसकी पहुंच बढ़ाने की है। इस विस्तार से कंपनी को पैक्ड डेयरी ड्रिंक्स की बढ़ती मांग का लाभ उठाने का मौका मिल सकता है।
कैंपा के बाद अब डेयरी बाजार में रिलायंस की एंट्री
रिलायंस ने इससे पहले कैंपा ब्रांड के जरिए सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाई थी। किफायती कीमतों पर उपलब्ध कैंपा ने पहले से स्थापित कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा को लेकर चर्चा बढ़ाई थी।
अब जॉयलैंड के साथ कंपनी एक नए सेगमेंट में उतर रही है। फ्लेवर्ड मिल्क बाजार में अमूल, मदर डेयरी, नंदिनी और कैविन्स जैसे ब्रांड पहले से मौजूद हैं। ऐसे में रिलायंस के सामने अपनी कीमत, वितरण नेटवर्क और उत्पादों की गुणवत्ता के दम पर ग्राहकों तक पहुंच बनाने की चुनौती होगी।
कितना बड़ा है भारत का फ्लेवर्ड मिल्क बाजार?
फ्लेवर्ड मिल्क बाजार में लगातार बढ़ती कारोबारी दिलचस्पी के बीच भारत में इस सेगमेंट का आकार भी महत्वपूर्ण हो गया है।
मिंट की रिपोर्ट में यूरोमॉनिटर के अनुमान के हवाले से बताया गया है कि भारत का फ्लेवर्ड मिल्क बाजार 2021 में करीब ₹4,420 करोड़ का था। यह 2025 में बढ़कर लगभग ₹7,600 करोड़ तक पहुंच गया। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में इसके करीब ₹8,360 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
ये आंकड़े बाजार के अनुमान हैं, न कि अंतिम रूप से सत्यापित बिक्री के आंकड़े। फिर भी, इनसे इस सेगमेंट में कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी का अंदाजा मिलता है।
अमूल, मदर डेयरी और दूसरे ब्रांड से मुकाबला
भारत में फ्लेवर्ड मिल्क और रेडी-टू-ड्रिंक डेयरी उत्पादों की श्रेणी में कई स्थापित ब्रांड मौजूद हैं। इनमें अमूल कूल, मदर डेयरी, नंदिनी, सनफीस्ट स्मूथ और कैविन्स शामिल हैं।
जॉयलैंड को इस प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए ग्राहकों को स्वाद, कीमत और आसानी से उपलब्ध होने का बेहतर विकल्प देना होगा। केवल कम कीमत से बाजार में मजबूत पकड़ बनाना आसान नहीं होगा, खासकर तब जब दूसरे ब्रांड भी समान कीमत के आसपास उत्पाद बेच रहे हों।
क्या Joyland पूरे भारत में उपलब्ध होगा?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जॉयलैंड की शुरुआत तमिलनाडु से हुई है। कंपनी ने धीरे-धीरे देशभर में इसकी पहुंच बढ़ाने की योजना बताई है। हालांकि, अन्य राज्यों में इसकी लॉन्चिंग की निश्चित तारीख और वहां उपलब्ध फ्लेवर के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।











