सोशल संवाद / नई दिल्ली : दिल्ली सरकार लगातार राजधानी में स्वच्छ, सतत और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करके प्रदूषण को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज अंतर्राज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी), कश्मीरी गेट से 100 नई इलेक्ट्रिक बसों को डीटीसी बेड़े में शामिल किया। राजधानी में अब इवी बसों की संख्या 3,500 से अधिक हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने कश्मीरी गेट बस अड्डे से ही धौला कुआं (दिल्ली) से धारूहेड़ा (हरियाणा) तक नई अंतर्राज्यीय इलेक्ट्रिक बस सेवा का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण व प्रभावी कदम उठाए हैं।
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इस अवसर पर परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सशक्त बनाने, यात्रा को मंजिल तक पहुंचाने और प्रमुख मार्गों पर जाम एवं प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि धौला कुआं-धारूहेड़ा रूट पर ई-बस सेवा क्षेत्रीय आवागमन को मजबूत करने के साथ-साथ दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों में भी अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हमारी सरकार द्वारा पिछले 10 महीनों में सालों से बदहाल रही परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पिछले वर्षों में बंद पड़ी अंतर्राज्यीय बस सेवाओं को पुनः चालू किया गया है और विश्वविद्यालयों की बंद पड़ी यू-स्पेशल व अन्य बस सेवाओं को भी बहाल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राजधानी में वाहनों के पीयूसी जांच के लिए नंद नगरी, तेंहखंड और बुराड़ी में ऑटोमेटेड परीक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां हजारों वाहन अपना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए पिंक कार्ड सुविधा जल्द ही शुरू की जा रही है, जिससे उन्हें बार-बार टिकट लेने की आवश्यकता नहीं होगी और वे किसी भी बस में आसानी से यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण और पूरे नेटवर्क को और सदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा वित्तीय समर्थन प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार, माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, राजधानी और उसके आसपास स्वच्छ, विश्वसनीय और किफायती सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि धौला कुआं-धारूहेड़ा पूरी तरह इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नई सेवा से कार्यालय जाने वाले, छात्र और औद्योगिक कर्मचारी दिल्ली से आसानी से जुड़ पाएंगे।
उन्होंने कहा कि निजी वाहनों पर निर्भरता घटाकर यह सेवा ट्रैफिक जाम और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद करेगी, साथ ही डीटीसी की अंतर्राज्यीय सेवाओं और राजस्व को भी मजबूत करेगी। डॉ. सिंह ने बताया कि डीटीसी अब वित्तीय स्थिरता, जवाबदेही और संचालन में दक्षता के मार्ग पर है और आने वाले वर्षों में स्वच्छ, सुरक्षित और वित्तीय रूप से आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के निर्माण में यह प्रयास तेज़ होंगे।

डीटीसी बेड़े में 100 नई ई-बसें
राजधानी की परिवहन व्यवस्था में 100 और नई लो-फ्लोर, वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने से अब कुल 3,500 से अधिक ईवी बसें परिचालित हो चुकी हैं। इन बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रियल-टाइम वाहन ट्रैकिंग और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं। ये बसें दिल्ली के स्वच्छ और ग्रीन सार्वजनिक परिवहन को और गति देंगी और प्रदूषण नियंत्रण में अहम योगदान करेंगी।
धौला कुआं-धारूहेड़ा नई इलेक्ट्रिक बस सेवा:
यह रूट विशेष रूप से गुरुग्राम-मानेसर औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों, छात्रों और श्रमिकों के लिए लाभकारी होगा। रूट में धौला कुआं, एचआर राजोकरी बॉर्डर, गुरुग्राम, खेड़की दौला, रामपुरा, मानेसर, पंचगांव, व्यासपुर वाईएनआर, सिधरावली और धारूहेड़ा प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। इस सेवा के तहत डीटीसी प्रत्येक शिफ्ट में तीन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करेगा। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, यातायात दबाव घटेगा और वाहन उत्सर्जन से होने वाला प्रदूषण भी कम होगा।










