---Advertisement---

दिल के मरीजों को राहत, एमजीएम में जून से कैथ लैब, ₹20 हजार में एंजियोप्लास्टी

By Muskan Thakur

Published :

Follow

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/जमशेदपुर : लंबी प्रक्रिया के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कैथ लैब स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। झारखंड स्वास्थ्य विभाग टेंडर प्रक्रिया पूरी कर चुका है। जून के पहले सप्ताह से एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा शुरू होने की उम्मीद है।

ये भी पढे : छोटा गोविंदपुर के जेवियर पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया पृथ्वी दिवस 2026

इसके शुरू होने से कोल्हान के हर माह 300 से अधिक हृदय रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक रांची, कोलकाता या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। सबसे बड़ा असर इलाज की लागत पर पड़ेगा, जहां एंजियोप्लास्टी पर औसतन 2 लाख रुपए खर्च होते हैं, वहीं एमजीएम अस्पताल में यह सुविधा करीब 20 हजार रुपए में उपलब्ध हो सकेगी। कैथ लैब के संचालन के लिए 5 डॉक्टर, 7 पारा मेडिकल स्टाफ, 11 स्किल्ड नर्स की नियुक्ति की जाएगी।

क्या है कैथ लैब :

कैथ लैब एक आधुनिक मेडिकल सुविधा है, जहां हृदय रोगों की जांच और इलाज बिना ओपन हार्ट सर्जरी के किया जाता है। इस तकनीक में डॉक्टर पतली नली (कैथेटर) के जरिए दिल की नसों तक पहुंचकर एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग जैसी प्रक्रियाएं करते हैं। इससे मरीज को कम दर्द, कम जोखिम और जल्दी रिकवरी मिलती है। हार्ट अटैक के मामलों में कैथ लैब जीवनरक्षक साबित होती है। सरकारी अस्पतालों में इसकी शुरुआत से गरीब मरीजों को सस्ता और सुलभ इलाज मिलना संभव हो सकेगा।

अधीक्षक की अस्पताल में मौत के बाद शुरू हुई पहल

26 अगस्त 2013 को एमजीएम के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. एसएस प्रसाद को अस्पताल परिसर में ही दिल का दौरा पड़ा था, कुछ ही देर में उनका निधन हो गया। इस घटना के बाद अस्पताल में हृदय रोग विभाग शुरू करने की पहल तेज हुई। शुरुआती दौर में डिमना स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में कैथ लैब निर्माण शुरू किया गया, लेकिन साकची स्थित एमजीएम अस्पताल से 8-9 किमी दूरी को लेकर गंभीर आपत्तियां उठीं और काम रोकना पड़ा। अब स्थिति बदल चुकी है। मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड का नया अस्पताल शुरू हो चुका है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---