सोशल संवाद / डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने की खबर सामने आई है। यह मामला फिल्म अता-पता लापता के निर्माण के लिए लिए गए कर्ज की अदायगी से जुड़ा है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिनेता की ओर से भुगतान की व्यवस्था को लेकर जानकारी दी गई थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था और पासपोर्ट सरेंडर करने को भी कहा था।
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2 करोड़ रुपये के भुगतान से जुड़ा है मामला
Rajpal Yadavके खिलाफ यह विवाद वर्ष 2010 में शुरू हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने अभिनेता, उनकी पत्नी और उनकी प्रोडक्शन कंपनी को फिल्म अता-पता लापता बनाने के लिए करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था।
बाद में कर्ज की अदायगी के लिए जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने अभिनेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। समय के साथ ब्याज और अन्य देनदारियों के कारण विवादित रकम बढ़ती गई।
सुप्रीम कोर्ट ने दी थी भुगतान की अंतिम मोहलत
15 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। कोर्ट ने उनके पिछले आचरण पर सवाल उठाते हुए पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश भी दिया था।
7 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान अभिनेता ने 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट पेश किया था। उनकी ओर से शेष 85 लाख रुपये 13 अक्टूबर तक जमा करने का भरोसा दिया गया था। कोर्ट ने भुगतान की समयसीमा और बाकी रकम चुकाने की योजना पर भी जोर दिया था।
क्या है पासपोर्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश?
इस मामले में पासपोर्ट से संबंधित निर्देश भी महत्वपूर्ण हैं। पहले सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए कहा था। भुगतान और मामले में आगे की कार्रवाई के बीच पासपोर्ट जारी करने से जुड़ा आदेश चर्चा में है।
हालांकि, पासपोर्ट जारी करने के नवीनतम आदेश की सटीक शर्तों और 2 करोड़ रुपये की पूरी जमा राशि की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसलिए इस संबंध में अंतिम स्थिति सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
Rajpal Yadav को कितनी सजा हुई थी?
चेक बाउंस के सात मामलों में ट्रायल कोर्ट ने अप्रैल 2018 में Rajpal Yadav को दोषी ठहराया था। बाद में सेशंस कोर्ट ने 2024 में फैसला बरकरार रखा। 10 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनकी सजा में बदलाव करने से इनकार कर दिया था। इस मामले में अभिनेता को प्रत्येक मामले में तीन महीने की कैद और जुर्माने की सजा दी गई थी।
Rajpal Yadav ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। शीर्ष अदालत में चल रही कार्यवाही के दौरान भुगतान और पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन को अहम माना गया है।
16 साल पुराने मामले में आगे क्या होगा?
Rajpal Yadav का चेक बाउंस मामला करीब 16 साल से चल रहा है। अभिनेता ने अदालत में कहा था कि इस विवाद के कारण उनकी प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने भुगतान के निर्देशों के पालन पर जोर दिया है और मामले में आगे की सुनवाई जारी है।
अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और पासपोर्ट को लेकर जारी आदेश की शर्तें महत्वपूर्ण रहेंगी।











