40 DSP-इंस्पेक्टर के रिटायरमेंट से बढ़ी पुलिस विभाग की चिंता, कानून-व्यवस्था पर असर

By Sharia Nasrah

Published :

Follow
40 DSP-इंस्पेक्टर के रिटायरमेंट से बढ़ी पुलिस विभाग की चिंता, कानून-व्यवस्था पर असर

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड पुलिस में अधिकारियों की कमी लगातार गंभीर होती जा रही है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच करीब 40 डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बड़ी संख्या में अधिकारियों के रिटायर होने के बाद कई जिलों और महत्वपूर्ण पुलिस इकाइयों में पद खाली पड़े हैं। इसका सीधा असर पुलिसिंग और विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारियों पर पड़ने की चिंता जताई जा रही है।

यह भी पढ़े :एयूडी में असिस्टेंट प्रोफेसर समेत 65 पदों पर अवसर

पुलिस विभाग में अधिकारियों की कमी का असर खासकर जांच, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन से जुड़े कामों पर पड़ सकता है। पहले से ही सीमित संख्या में अधिकारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में लगातार हो रही सेवानिवृत्ति से काम का दबाव और बढ़ गया है।

डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी पुलिस व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। थाना स्तर की निगरानी, गंभीर मामलों की जांच, कानून-व्यवस्था की स्थिति संभालने और अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के काम की मॉनिटरिंग में इनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अधिकारियों की कमी होने पर एक अधिकारी को एक से अधिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ सकती हैं।

आठ महीने में 40 अधिकारी रिटायर

विभागीय स्तर पर सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, आठ महीने में करीब 40 डीएसपी और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी सेवानिवृत्त हुए हैं। लगातार खाली हो रहे पदों की वजह से पुलिस विभाग के सामने अब नई नियुक्तियों और पदोन्नति के जरिए रिक्तियों को भरने की चुनौती है।

अधिकारियों की कमी के कारण कई जगहों पर मौजूदा पुलिस अफसरों को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की स्थिति बन सकती है। इससे अधिकारियों का कार्यभार बढ़ने के साथ-साथ महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी और जांच की गति भी प्रभावित होने की आशंका है।

कानून-व्यवस्था पर बढ़ सकता है दबाव

झारखंड में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में अधिकारी स्तर पर रिक्तियां बढ़ने से पुलिस व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। खासकर बड़े आयोजनों, संवेदनशील क्षेत्रों और अपराध से जुड़े गंभीर मामलों में पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी होती है।

अब निगाह इस बात पर है कि झारखंड पुलिस में खाली पड़े पदों को भरने के लिए सरकार और पुलिस मुख्यालय की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं। भर्ती, प्रमोशन और अधिकारियों की तैनाती के जरिए कमी दूर करने की दिशा में जल्द फैसला लिए जाने की उम्मीद है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version