डिमना झील के पास खतरनाक तालाब पर उठे सुरक्षा के सवाल, हादसे के बाद टाटा स्टील से जाली लगाने की मांग

By Riya Kumari

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डिमना झील के पास खतरनाक तालाब पर उठे सुरक्षा के सवाल, हादसे के बाद टाटा स्टील से जाली लगाने की मांग

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सोशल संवाद / जमशेदपुर: डिमना झील के समीप स्थित टाटा स्टील के जलाशय (तालाब) में हाल ही में दो डॉक्टरों की डूबने से हुई मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मामला केवल हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि उस खतरनाक जलाशय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि टाटा स्टील डिमना झील से शहर को पेयजल उपलब्ध कराती है और इसके बदले राजस्व भी अर्जित करती है। ऐसे में कंपनी की जिम्मेदारी केवल गुणवत्तापूर्ण पानी उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि जल स्रोतों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है।

उनका कहना है कि यदि इस खतरनाक तालाब को पहले से मजबूत लोहे की जाली या अन्य सुरक्षा अवरोधों से घेर दिया गया होता, तो इस तरह की दुर्घटना को रोका जा सकता था। केवल ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’ का बोर्ड लगा देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह इलाका बड़ी संख्या में लोगों के आने-जाने वाला सार्वजनिक क्षेत्र है।

पिकनिक सीजन में बढ़ जाता है खतरा

डिमना झील सर्दियों और छुट्टियों के दौरान पिकनिक मनाने वालों का प्रमुख पर्यटन स्थल है। भीड़ अधिक होने पर कई लोग झील के मुख्य क्षेत्र से आगे निकलकर आसपास के इलाकों में चले जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर फिसलन रहती है और पास स्थित गहरे तालाब में गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में हादसे होने की बातें सामने आती रही हैं, इसलिए स्थायी सुरक्षा उपाय समय की जरूरत है।

अन्य स्थानों का दिया उदाहरण

सुरक्षा की मांग करने वालों ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब मानगो पुल से कूदकर आत्महत्या की घटनाएं सामने आई थीं, तब प्रशासन ने वहां सुरक्षा जाली लगाई थी। इसी तरह सड़क दुर्घटनाओं के बाद भी संबंधित एजेंसियों से जवाबदेही तय की जाती है। ऐसे में डिमना झील के पास स्थित इस खतरनाक जलाशय में भी स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए।

टाटा स्टील से की गई अपील

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने टाटा स्टील से मांग की है कि वह इस जलाशय के चारों ओर मजबूत लोहे की जाली, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों के साथ अन्य सुरक्षा उपाय जल्द से जल्द लागू करे। उनका मानना है कि इससे भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा और पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

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