सोशल संवाद/डेस्क : नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच वहां फंसे भारतीय पर्यटकों और श्रद्धालुओं को लेकर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि नेपाल में हालात बेहद गंभीर हैं और कई लोगों के हताहत होने के साथ भारी नुकसान की खबर सामने आ रही है।

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संजय सेठ ने रांची में मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत सरकार नेपाल के प्रधानमंत्री के संपर्क में लगातार बनी हुई है। भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत की ओर से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए हैं।
ग्लोबल वार्मिंग को बताया आपदा की बड़ी वजह
नेपाल में आई आपदा के कारणों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बड़ी मात्रा में ग्लेशियर टूटने की घटनाओं का संबंध ग्लोबल वार्मिंग से पैदा हो रही परिस्थितियों से हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल में हाल के दिनों में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं और बुधवार सुबह भी भूकंप का झटका आया।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लापता होने की खबर बेहद चिंताजनक है। भारत सरकार उनकी सुरक्षा और जल्द से जल्द जानकारी जुटाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
भारतीय सेना ने संभाला मोर्चा
संजय सेठ ने भारतीय सेना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सेना सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। जब भी देश और देशवासियों पर संकट आता है, सेना राहत और बचाव कार्य में आगे रहती है।
उन्होंने कहा कि नेपाल त्रासदी की जानकारी मिलते ही भारत सरकार और सेना ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। प्रभावित भारतीयों तक मदद पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं।
नेपाल बाढ़ और भारतीय नागरिक: नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में भारी तबाही की स्थिति है। ऐसे में भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और राहत-बचाव अभियान भारत सरकार की प्राथमिकता बना हुआ है।









