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सरहुल प्रकृति की आराधना और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक : काले

By Riya Kumari

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Sarhul is a symbol of worship of nature and cultural heritage: Kale

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सोशल संवाद / जमशेदपुर : पुराना सीतारामडेरा में आयोजित भव्य सरहुल महोत्सव में झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले शामिल हुए। यह आयोजन आदिवासी मुंडा समाज केंद्रीय समिति, केन्द्रीय सरहुल पूजा समिति, उरांव समाज एवं आदिवासी हो समाज के तत्वाधान में संपन्न हुआ।

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महोत्सव में पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और पूजा-अर्चना के माध्यम से प्रकृति और समाज के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई। हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर अमरप्रीत सिंह काले ने कहा, सरहुल प्रकृति की आराधना और हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति से जुड़े रहने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा की सरहुल प्रकृति की आराधना और सांस्कृतिक विरासत का और गौरव का प्रतीक है ।

कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ नेताओं, बुद्धिजीवियों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं धन्यवाद किया और समाज की एकजुटता व समृद्धि की कामना की।

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