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पथ निर्माण विभाग के अभियंता पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाएं, यह निहायत ही गलतःसरयू राय

By Tamishree Mukherjee

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सोशल संवाद/ जमशेदपुर: विधानसभा समिति के राज्य के भीतर भ्रमण कार्यक्रम के सिलसिले में आज गोड्डा जिला में था। सोशल मीडिया से पता चला कि लिट्टी चौक से एनएच-33 भिलाई पहाड़ी को जोड़ने वाले स्वर्णरेखा नदी पर पुल एवं पहुंच पथ के निर्माण का कार्य आज पथ निर्माण विभाग ने जमशेदपुर पूर्व की विधायक की उपस्थिति में शुरू कराया है। प्रसारित समाचार से ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो इस परियोजना का ऑनलाइन शिलान्यास मेरी उपस्थिति में मुख्यमंत्री द्वारा किये जाने के बाद से काम रूक गया था, जिसे पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं की उपस्थिति में आज (बुधवार) शुरू किया गया है।

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कोई विधायक अपने क्षेत्र से जुड़े विकास कार्य का श्रेय लेना चाहे तो यह स्वभाविक है, मगर पथ निर्माण विभाग के अभियंता इसमें पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाएं और विकास कार्य के राजनीतिक पहलू को प्रदर्शित करवे वाले कार्यक्रम के साथ शामिल हों तो यह सर्वथा अस्वाभाविक और निहायत ही गलत है। इस कार्यक्रम में ऐसा ही हुआ है।

पथ निर्माण विभाग के अभियंता बखूबी जानते हैं कि इस परियोजना का शिलान्यास होने के बाद पुल और पहुंच पथ का काम शुरू हो गया था। काम के दौरान पुल के डिजाइन में त्रुटि उजागर हुई। नदी के मानगो छोर की ओर इसका अंतिम पाया सही स्थान पर नही था। इसलिए तत्काल काम रोक कर डिजाइन में सुध्रार कराया गया था। पहुंच पथ का काम तो रूका ही नही था। डिजाइन में  सुधार के बाद पुल निर्माण का काम जहां छूटा था, वहां से आरम्भ हो जाना चाहिए था। नई योजना के नाते काम की शुरुआत फिर से करने का जश्न मनाने की कोई ज़रूरत थी ही नहीं। यदि विधायक इस संदर्भ में कोई आयोजन कर रही हैं तो इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है, लेकिन पथ निर्माण विभाग के अभियंता और संवेदक इसमें शामिल हैं तो यह घोर आपत्तिजनक है। यह अभियंताओं और संवेदक के पक्षपातपूर्ण रवैया का परिचायक है। संवेदक पहले वाला है, अभियंता पहले वाले हैं, परियोजना पहले वाली है, परियोजना पर काम शुरू हो चुका है, फिर काम शुरू कराने के लिए जश्न समारोह में संवेदक और अभियंताओं के शामिल होने का क्या औचित्य है?

नदी के एक छोर पर पुल के बारे में जैसा समारोह इन्होंने किया, वैसा ही समारोह इन्हें नदी के दूसरी छोर पर करना चाहिए था। क्या वे पुल के बाद पहुँच पथ का कार्य आरम्भ करने का भी समारोह आयोजित करेंगे? मैं पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं और संवेदक के इस आचरण के प्रति सरकार में विरोध दर्ज कराउंगा।

21 दिसंबर को विधानसभा समिति का भ्रमण कार्यक्रम पूरा हो जाने के बाद इस परियोजना को स्वीकृत कराने और मानगो फ्लाईओवर के संदर्भ में इस परियोजना की प्रासंगिकता के विस्तृत विवरण को मैं सार्वजनिक करूंगा।

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