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UP Free Scooty Yojana 2026: मेधावी बेटियों को मुफ्त स्कूटी, बजट में 400 करोड़ का प्रावधान

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की है। राज्य सरकार ने मेधावी छात्राओं के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ शुरू करने की घोषणा की है, जिसके लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य उन छात्राओं को सहायता देना है जो संसाधनों की कमी या कॉलेज की दूरी के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई महसूस करती हैं। सरकार का मानना है कि परिवहन सुविधा मिलने से बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

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इस योजना के तहत स्नातक और परास्नातक स्तर पर पढ़ाई कर रही मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी या स्कूटी खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी छात्राओं को मिलेगा। पात्रता के लिए छात्रा का 12वीं कक्षा में निर्धारित प्रतिशत के अनुसार अच्छे अंक होना जरूरी होगा। इसके अलावा छात्रा का किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या चयनित निजी कॉलेज में नामांकन होना अनिवार्य है। सरकार ने आय सीमा भी तय की है, जिसके अनुसार परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। एक परिवार से केवल एक ही बेटी इस योजना का लाभ उठा सकेगी।

सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद सिर्फ परिवहन सुविधा देना नहीं बल्कि बेटियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना भी है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं को अक्सर कॉलेज जाने में दिक्कत होती है, जिससे कई बार वे पढ़ाई बीच में छोड़ देती हैं। ऐसे में मुफ्त स्कूटी या आर्थिक सहायता मिलने से उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। छात्राओं को उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, 10वीं-12वीं की मार्कशीट, कॉलेज आईडी, बैंक पासबुक और फोटो जैसे दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन जमा होने के बाद कॉलेज स्तर पर मेरिट और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। चयनित छात्राओं को जिला स्तर पर स्कूटी वितरण की जानकारी दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं शिक्षा में लैंगिक असमानता को कम करने में मदद करती हैं। सरकार की यह पहल न सिर्फ बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगी बल्कि समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आने वाले समय में इस योजना से हजारों छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे प्रदेश में शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा।

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