सोशल संवाद/डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि जिन आतंकियों ने बैसरन घाटी में हमारे 26 पर्यटकों को मारा, उन्हें सोमवार को ढेर कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि इसके लिए ऑपरेशन महादेव चलाया। इन आतंकियों के नाम सुलेमान, फैजल अफगान और जिब्रान हैं। सुलेमान लश्कर का कमांडर था। इसके ढेरों सबूत हैं। अफगान और जिब्रान ए श्रेणी के आतंकी थे। ये तीनों पहलगाम हमले के आतंकी थे और तीनों मारे गए।
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गृह मंत्री ने बताया, आतंकियों को कैसे घेरा, कैसे मारा
23 अप्रैल को तय किया, हत्यारे भागने ना पाएं: 23 अप्रैल को सुरक्षा मीटिंग हुई। इसमें निर्णय हुआ कि हत्यारे पाकिस्तान भागने न पाएं। इसकी हमने पुख्ता व्यवस्था की।
22 मई को इंटेल आई, सिग्नल मिले: IB को सिग्नल मिल गए और इंटेल आई, जिसमें दाचीगाम में आतंकियों की मौजूदगी की बात थी। इस सूचना को पुख्ता करने के लिए मई से जुलाई तक प्रयास किए। इसके बाद हमारे अधिकारी इस एरिया में आतंकियों के सिग्नल हासिल करने के लिए घूमते रहे।
22 जुलाई को पुष्टि हुई, 28 जुलाई को आतंकियों को मार डाला: सेंसर के माध्यम से दाचीगाम में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई। पुलिस, सेना के जवानों ने आतंकियों को घेरने का काम किया। इसके बाद 28 जुलाई को मार डाला।
आतंकियों के शव तीन लोगों ने पहचाने: ‘जब आतंकियों के शव श्रीनगर आए, उनकी पहचान कराई गई। तीन लोगों ने पहचाना। हम लोगों ने इस पर भी भरोसा नहीं किया, कोई जल्दबाजी नहीं की।
कारतूस की FSL जांच कराई गई: पहलगाम हमले के घटनास्थल से जो कारतूस मिले, उसका FSL कराकर रखा था। जब कल आतंकी मारे गए। इनके पास एक अमेरिकन और दो AK-47 राइफलें मिलीं। कारतूस भी मिले। इन्हें चंडीगढ़ भेजा गया। मिलान होने पर तय हो गया कि इन्हीं राइफलों से पहलगाम हमले को अंजाम दिया गया था।
आतंकियों से पाकिस्तान मेड चॉकलेट मिली: हमारे पास प्रूफ है, जो मैं सदन के सामने रखूंगा। मारे गए तीन आतंकियों में दो के वोटर नंबर भी हमारे पास हैं। वे पाकिस्तानी आतंकी थे। आतंकियों के पॉकेट से जो चॉकलेट मिली वो भी पाकिस्तान मे बनाई गई थी।










