सोशल संवाद/डेस्क : उम्र को सिर्फ एक नंबर मानते हुए 43 वर्षीय शिवानी मेहरोत्रा ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर देश का नाम रोशन किया है। उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली शिवानी ने 15 अगस्त को रूस स्थित माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की।
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शिवानी के लिए यह सफर आसान नहीं था। परिवार की जिम्मेदारियों और 18 साल की बेटी की परवरिश के साथ उन्होंने पर्वतारोहण के अपने जुनून को जारी रखा। उन्होंने बताया कि एल्ब्रुस की चढ़ाई में तेज बर्फबारी, बारिश, कड़ाके की ठंड, तेज हवाओं और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
2019 में शुरू हुआ पर्वतारोहण का सफर
शिवानी का पहाड़ों से जुड़ाव 2019 में हुआ, जब उन्होंने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप की ट्रेकिंग की योजना बनाई थी। इसके बाद उन्होंने कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल की कई चोटियों पर ट्रेकिंग की। वह फ्रेंडशिप पीक और माउंट किलिमंजारो जैसी चोटियों पर भी चढ़ाई कर चुकी हैं।
माउंट एल्ब्रुस अभियान के लिए उन्होंने 8 अगस्त को मुंबई से यात्रा शुरू की थी। अंतिम चढ़ाई के दिन टीम ने रात करीब 2 बजे सफर शुरू किया और करीब साढ़े चार घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद शिखर पर पहुंची।
अब माउंट एवरेस्ट है अगला लक्ष्य
माउंट एल्ब्रुस फतह करने के बाद शिवानी का अगला बड़ा लक्ष्य माउंट एवरेस्ट है। उनका सपना दुनिया की सातों सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराना है। हालांकि, एवरेस्ट अभियान में करीब 40 से 50 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है।
शिवानी फिटनेस पर भी खास ध्यान देती हैं। वह मैराथन और 50 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर चुकी हैं। पिछले करीब छह वर्षों से वह योग भी सिखा रही हैं।
शिवानी का कहना है कि अगर लक्ष्य तय कर लिया जाए और उसके लिए लगातार मेहनत की जाए, तो उम्र किसी उपलब्धि के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।









