सोशल संवाद/डेस्क : राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुगम एवं सुरक्षित संचालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, आपदा प्रबंधन तथा खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मंत्री इरफान अंसारी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में अधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिशा-निर्देश दिया गया। श्रावणी मेला में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं व कांवरियों को निर्बाध 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने सहित महामारी निरोधक उपायों की विस्तृत रूपरेखा की समीक्षा मंत्री ने की।

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा कि राजकीय श्रावणी मेला में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं कांवरियों की स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा। कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि बाबा वैद्यनाथधाम आने वाले किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी न हो। इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र व कांवरिया पथ पर 24 घंटे डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और त्वरित एम्बुलेंस सेवा सुनिश्चित करायी जा रही है।
मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता और मुस्तैदी के साथ बाबा वैद्यनाथ के भक्तों की सेवा में समर्पित रहेगा। समीक्षा के दौरान उपायुक्त सौरभकुमार भुवानिया ने जिला प्रशासन की ओर से की गई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि संपूर्ण मेला क्षेत्र में 35 स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इनमें 32 स्वास्थ्य केंद्र निरंतर 24 घंटे कार्यरत रहेंगे, जहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाएं व एम्बुलेंस सेवा हर समय उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं की आवश्यकता को देखते हुए तपोवन, खरगडीहा एवं त्रिकुट पहाड़ के स्वास्थ्य केंद्र प्रतिदिन प्रातः 6 से शाम 6 बजे तक संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
हर श्रद्धालु भगवान शिव के अतिथिः स्वास्थ्य मंत्री
देवघर। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि श्रद्धालुओं की सेवा में किसी भी स्तर की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने कहा कि भक्तों की सेवा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का विषय है। बाबानगरी आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु भगवान शिव के अतिथि है। उनकी सेवा सभी का सर्वोच्च दायित्व है।
राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी श्रद्धालु इलाज, सुविधा या सम्मान के अभाव में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करे। श्रावणी मेले में 228 डॉक्टरों व 400 से अधिक पारा स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उप-स्वास्थ्य केंद्र सहित 41 स्वास्थ्य संस्थान चौबीसों घंटे कार्यरत रहेंगे। देवघर सदर अस्पताल में 100 बेड तथा एम्स देवघर में 50 बेड विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपातकालीन स्थिति के लिए 50 बेड आरक्षित
आपातकालीन स्थिति व आपदा प्रबंधन के तहत नया व पुराना सदर अस्पताल में किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए 50 बेड पूर्ण संसाधनों के साथ आरक्षित रखे गए हैं। साथ ही शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम संचालकों तथा आईएमए के साथ समन्वय स्थापित कर 100 अतिरिक्त इमरजेंसी बेड बैकअप के रूप में सुनिश्चित किए गए हैं।









