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सोना देवी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मेसी द्वारा राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह का किया गया आयोजन

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : सोना देवी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मेसी द्वारा राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया. विश्वविद्यालय के विवेकानन्द ऑडिटोरियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल के सदस्य धर्मेंद्र सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. सिंह फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के कार्यकारी समिति के सदस्य होने के साथ साथ सिंहभूम फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं. इस मौके पर धर्मेंद्र सिंह ने वेक्सिनेशन के लिए फार्मासिस्ट की एडवोकेसी विषय पर विचार साझा की. उन्होंने कहा कि कोविड के बाद से अब फार्मासिस्ट भी इंजेक्शन लगा सकते हैं.

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कोरोना महामारी के दौरान इनकी भूमिका को अति महत्वपूर्ण मानते हुए यह निर्णय लिया गया है. राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के लक्ष्य की चर्चा करते हुए सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट जनता के बीच जागरूकता बढाने का कार्य करें. धर्मेंद्र सिंह ने सलाह देते हुए कहा कि सोना देवी स्कूल ऑफ फार्मेसी भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए अपनी क्षमता बढाए. उन्होंने सोना देवी विश्वविद्यालय परिसर में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने की सलाह दी तथा कहा कि इससे विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होगा.

इस मौके पर सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय निरंतर उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में कार्य कर रहा है. यहां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास करने का प्रयास किया जा रहा है. सरकार की नीतियों को आलोक में आईकेएस की कक्षा भी संचालित कराई जा रही है ताकि यहां शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण हो सके. वे समाज में ईमानदारी से योगदान दे सके और एक सफल नागरिक के रूप में वे सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक रूप से सफलतापूर्वक योगदान दें. सेवा कर सकें.

सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो डॉ गुलाब सिंह आजाद ने कहा कि एसडीयू स्कूल ऑफ फार्मेसी के विद्यार्थियों ने इस दौरान कई जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया. उन्होंने लोगों को फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया. इस दौरान विद्यार्थियों ने एसडीयू स्कूल ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य सुधांशु शांडिल्य के नेतृत्व में विभाग के अन्य प्राध्यापकों के साथ कम्युनिटी हेल्थ सेंटर मुसाबनी का भ्रमण किया और वहां डॉ विनय कुमार से वैक्सिन के रखरखाव और उपयोग के बारे में गहन जानकारी प्राप्त की. आजाद ने कहा कि विद्यार्थी अच्छी शिक्षा ग्रहण करें तथा मौका मिलने पर समाज में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेवारी का निर्वहन करें.

इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया गया. इस कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन करके गणेश वंदना से हुई तथा कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ. इस कार्यक्रम में एसडीयू स्कूल ऑफ फार्मेसी के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया तथा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. समाज में फार्मासिस्टों की भूमिका बढाने से संबंधित क्विज प्रतियोगिता, पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता तथा क्षेत्र एवं अस्पताल भ्रमण भी किया गया.

राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह देश में हर साल नवंबर के तीसरे सप्ताह में मनाया जाता है जिसका नेतृत्व इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन करता है. इस सप्ताह का उद्देश्य जनता और अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच फार्मेसी पेशे की भूमिका और योगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. इस साल 2025 के लिए थीम फार्मासिस्टः स्वास्थ्य सेवा पेशेवर. एक चिकित्सक और रोगी के बीच एक सेतु है. इस सप्ताह को मनाने का उद्देश्य फार्मेसी की भूमिका को उजागर करना और जनता को फार्मासिस्ट के महत्व के बारे में शिक्षित करना है.

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