सोशल संवाद/डेस्क: चक्रधरपुर रेल मंडल के टुनिया से मनोहरपुर के बीच एक गंभीर रेल हादसा टल गया, जब आरा से दुर्ग जाने वाली 13288 साउथ बिहार एक्सप्रेस के पहियों में अचानक आग और धुआं उठने लगा। चलती ट्रेन में यह नजारा देखते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई और कई लोग डर के कारण कोच से उतरकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे।
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जानकारी के अनुसार, यह समस्या ब्रेक बाइंडिंग की वजह से हुई, जिससे जनरल कोच के पहियों में आग लग गई। टुनिया और गोईलकेरा के बीच पहली बार यह घटना सामने आई, जहां लोको पायलट ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन रोक दी और अग्निशामक यंत्र की मदद से आग पर काबू पाया।
हालात सामान्य होने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ाया गया, लेकिन करीब 35 किलोमीटर के अंदर ही मनोहरपुर पहुंचने से पहले एक अन्य कोच में फिर से यही समस्या उत्पन्न हो गई। दूसरी बार भी पहियों से धुआं और आग उठने लगी, जिससे यात्रियों में फिर से दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित कोच की ओर भागने लगे।
हालांकि, लोको पायलट की तत्परता से दूसरी बार भी आग पर नियंत्रण पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन बार-बार सामने आ रही इस तकनीकी खामी ने रेलवे की सुरक्षा और मेंटेनेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीषण गर्मी और ट्रेन की देरी के बीच इस घटना ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी। कई यात्रियों ने रेलवे प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ट्रेनों के बेहतर रखरखाव की मांग की है।









