सोशल संवाद / जमशेदपुर : जमशेदपुर में लगातार छात्रों के डूबने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एनआईटी जमशेदपुर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। हाल के दिनों में कई छात्रों की नदी और जलाशयों में डूबने से जान चली गई है, जिसमें एनआईटी के साथ एमजीएम कॉलेज के छात्र भी शामिल रहे हैं।
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इन हादसों से सबक लेते हुए संस्थान प्रशासन ने नोटिस जारी कर छात्रों के नदी, डैम और अन्य जलाशयों के पास जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। एनआईटी प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देश के मुताबिक, सभी छात्रों को खरकई और स्वर्णरेखा नदी, आसपास के जलाशयों के अलावा घने जंगलों में जाने की सख्त मनाही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इन जगहों पर सुरक्षा का गंभीर खतरा बना रहता है और लापरवाही बरतने पर ये स्थल जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। छात्रों को चेतावनी दी गई कि यदि कोई भी छात्र इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में घूमते या नियमों की अवहेलना करते पाया गया तो उस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया जा सकता है। प्रशासन ने छात्रों को सलाह दी कि वे पूरी एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें।
रैगिंग को ले पोस्टर लगा किया जा रहा जागरूक
एनआईटी जमशेदपुर में रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए नए पोस्टर जारी किए गए हैं, जिनका उद्देश्य परिसरों में नव प्रवेशित छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी या मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से बचाना है। शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के तहत जारी इन पोस्टरों में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि रैगिंग एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। इसमें छात्रों को रैगिंग से दूर रहने, सीनियर और जूनियर्स के बीच सकारात्मक संवाद बढ़ाने की सलाह दी गई है।









