सोशल संवाद/डेस्क: Tata Steel के टिनप्लेट डिवीजन में काम करने वाले मजदूरों ने ठेका कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों का कहना है कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें अचानक काम से हटा दिया गया और उनका बकाया भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है।

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मजदूरों के अनुसार वे एक ठेका एजेंसी के माध्यम से वर्षों से नर्सरी विभाग में कार्यरत थे। अगस्त 2019 से अक्टूबर 2025 तक लगातार सेवा देने के बाद उन्हें 31 अक्टूबर 2025 को कार्य से अलग कर दिया गया। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार अंतिम भुगतान मिलना चाहिए था, लेकिन अभी तक उन्हें यह राशि नहीं दी गई है।
मजदूरों ने यह भी बताया कि बीच में कुछ समय के लिए दूसरे ठेकेदार के तहत काम मिला, लेकिन बाद में फिर से उसी एजेंसी को काम सौंप दिया गया। इसके बावजूद कई श्रमिकों को दोबारा काम पर नहीं लिया गया और उनका बकाया भी अटका हुआ है।
प्रभावित मजदूरों का कहना है कि वर्षों से लगातार काम करने के बाद अचानक रोजगार छिन जाने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। परिवार के भरण-पोषण को लेकर वे गंभीर चिंता में हैं। मजदूरों ने प्रबंधन से मांग की है कि जल्द से जल्द बकाया भुगतान किया जाए और उन्हें फिर से काम पर रखने पर विचार किया जाए।









