सोशल संवाद / पटमदा (झारखंड): ग्रामीण समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन, कोल्हान द्वारा “मिक्स जेंडर विलेज क्रिकेट लीग 2026” का आयोजन 17 और 18 जनवरी 2026 को पटमदा स्थित एसएस +2 उच्च विद्यालय मैदान में किया जा रहा है। इस दो दिवसीय आयोजन में पटमदा और बोड़ाम प्रखंड के विभिन्न गांवों से आने वाले बच्चों की चार मिक्स जेंडर टीमें हिस्सा लेंगी।
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निश्चय फाउंडेशन पिछले एक दशक से झारखंड के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, माहवारी स्वच्छता, महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य, जेंडर समानता, बाल अधिकार, पर्यावरण, रचनात्मकता और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर जनभागीदारी के साथ कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों और युवाओं को सकारात्मक सोच और सही दिशा प्रदान करना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी स्वच्छता सहित संस्था द्वारा चलाए गए कई जागरूकता अभियानों ने समाज की सोच में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संस्था के कार्यों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रसारण दूरदर्शन और एनसीईआरटी चैनल पर हो चुका है। साथ ही निश्चय फाउंडेशन ने अपने उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2019 एवं 2020–22 में भी स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2019 में संस्था के मिक्स जेंडर क्रिकेट अभियान को क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर की सराहना भी मिल चुकी है।

मिक्स जेंडर विलेज क्रिकेट लीग का मुख्य उद्देश्य खेल के माध्यम से समाज में बालक–बालिका समानता का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाना है। आयोजन के जरिए जहां बच्चियों को लड़कों के साथ समान रूप से गांव के मैदानों में सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया जाएगा, वहीं लड़कों को भी लड़कियों के प्रति सम्मान और सकारात्मक आचरण सीखने का अवसर मिलेगा।

यह प्रतियोगिता 17–18 जनवरी 2026 (शनिवार–रविवार) को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं 18 जनवरी को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक क्वालीफायर और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। आयोजन सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन, एसएस +2 उच्च विद्यालय पटमदा परिवार, दीघी भुला +2 उच्च विद्यालय बोड़ाम परिवार तथा स्थानीय अभिभावकों के संयुक्त सहयोग से संपन्न होगा।
संस्था की ओर से समाज के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे इस सामाजिक आयोजन में शामिल होकर बच्चों का उत्साहवर्धन करें। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के प्रयास यदि गांव-गांव तक पहुंचें, तो समाज की कई जटिल समस्याओं का समाधान संभव है।










