सोशल संवाद / डेस्क : मानगो नगर निगम चुनाव में मेयर पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावी बयानबाजी के बीच ‘बाहरी बनाम भीतरी’ का मुद्दा अब खुलकर सामने आ रहा है। मेयर प्रत्याशी कुमकुम श्रीवास्तव ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर निशाना साधते हुए स्थानीय जुड़ाव को बड़ा मुद्दा बनाया है।
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“मानगो की समस्याओं से वाकिफ ही बने मेयर”
कुमकुम श्रीवास्तव ने कहा कि मानगो का मेयर वही बनना चाहिए, जो यहां की बस्तियों, सड़कों और मूलभूत समस्याओं से भली-भांति परिचित हो। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रत्याशी चुनाव के समय अचानक मैदान में उतर आए हैं और उन्हें स्थानीय हालात की सही जानकारी नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि वह वर्षों से मानगो की जनता के सुख-दुख में साथ खड़ी रही हैं और क्षेत्र की जमीनी हकीकत को अच्छी तरह समझती हैं।
विपक्ष पर सीधा हमला
कुमकुम श्रीवास्तव ने अपने विरोधी उम्मीदवारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग मानगो की 20 बस्तियों के नाम तक ठीक से नहीं बता सकते, वे यहां के विकास का रोडमैप कैसे तैयार करेंगे। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि धनबल या बाहरी प्रभाव में आने के बजाय स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता दें।
तूफानी दौरा और पदयात्रा
चुनावी अभियान के तहत कुमकुम श्रीवास्तव ने कुमरूम बस्ती, डिमना पारडीह रोड, मानगो बाल्टी कारखाना और उलीडीह बस्ती समेत कई इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पदयात्रा कर लोगों से समर्थन मांगा। समर्थकों ने भी बड़ी संख्या में साथ चलकर उत्साह दिखाया और चुनाव चिन्ह ‘छड़ी छाप’ पर मुहर लगाने का भरोसा जताया।
विकास का वादा
जनसंपर्क अभियान के दौरान मिल रहे समर्थन से उत्साहित कुमकुम श्रीवास्तव ने विकसित मानगो बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य स्वच्छता, बेहतर सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देना है।
मानगो नगर निगम चुनाव में मेयर पद की यह जंग अब और दिलचस्प होती जा रही है, जहां स्थानीय पहचान और विकास के मुद्दे केंद्र में हैं।










