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मोदी सरकार के घोटालों को उजागर करने वाले कैग के तीन अधिकारियों का किया गया तबादला

By admin

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सोशल संवाद/दिल्ली(रिपोर्ट – सिद्धार्थ प्रकाश ) : कांग्रेस ने मोदी सरकार के घोटालों को उजागर करने वाले कैग के तीन अधिकारियों के तबादले पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि घोटाले उजागर होने पर मोदी सरकार कैग का गला घोंट रही है। कांग्रेस संचार विभाग में मीडिया और पब्लिसिटी के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि अधिकारियों के तबादले के साथ-साथ कैग के मुंबई कार्यालय को फील्ड वर्क बंद करने के भी आदेश दिए गए हैं। मोदी सरकार कैग पर बुल्‍डोजर चला रही है।

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में पवन खेड़ा ने कहा कि कैग के तीन अधिकारियों ने मोदी सरकार के घोटालों को उजागर किया था। घोटालों की रिपोर्ट्स के सामने आते ही कुछ दिनों के अंदर तीनों अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। अतुराव सिन्हा भारतमाला प्रोजेक्ट की रिपोर्ट के प्रभारी थे, इनको दिल्ली से तिरुवनन्तपुरम भेज दिया। दत्त प्रसाद सूर्यकांत शिरसाट आयुष्मान योजना से जुड़े ऑडिट के प्रभारी थे, इन्हें लीगल सेल में भेज दिया गया। अशोक सिन्हा ने आयुष्मान योजना का ऑडिट शुरू किया था, इन्हें राजभाषा में भेज दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात है कि कैग के मुंबई कार्यालय को एक ई मेल भेजा गया, जिसमें कहा गया कि ऑडिट फील्ड वर्क रोक दिया जाए।

खेड़ा ने कहा कि जिस कैग ने वर्ष 2015 में 55 रिपोर्ट्स निकाली थी। उसी कैग ने वर्ष 2020 में सिर्फ 14 रिपोर्ट निकालीं। वर्ष 2023 में कई चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आईं। कई योजनाओं के घपले सामने आए। भारत माला प्रोजेक्ट में एक रुपए का काम 14 रुपए में किया गया। एक किलोमीटर की सड़क को चार अलग-अलग तरीके से नापकर चार किलोमीटर की सड़क बताया गया। आयुष्मान योजना के घोटाले सामने आए, जहां एक ही मोबाइल नंबर से लाखों लोग जुड़े थे। भगवान राम को भी नहीं छोड़ा गया। अयोध्या विकास परियोजना में ठेकेदारों के साथ मिलकर करोड़ों रु का फर्जीवाड़ा किया। इसी के साथ उड़ान, रेलवे, खादी ग्राम उद्योग, ग्रामीण विकास को भी नहीं छोड़ा गया। लेकिन कैग की रिपोर्ट पर मीडिया में कुछ नहीं दिखाया गया, रामलीला मैदान में भी कोई आंदोलन देखने को नहीं मिला।

खेड़ा ने कहा कि आज से दस साल पहले रामलीला मैदान में तमाम ठग इकठ्ठा हुए थे। इन ठगों ने नौटंकी करके पूरे देश को अपने जाल में फंसाया और मीडिया ने इसे जन आंदोलन बताया। इन सबने कैग रिपोर्ट्स को आधार बनाया था। सबसे बड़े ठग विनोद राय की रिपोर्ट्स को आधार बनाकर यह नौटंकी हुई थी। ये सभी रिपोर्ट्स-मामले बीते दस वर्षों में बेबुनियाद साबित हुए। इन ठगों का मकसद तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की साफ छवि को खराब करना और यूपीए सरकार को बदनाम करना था।

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