सोशल संवाद / डेस्क : सोशल मीडिया पर तीन लोगों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ‘Western Railway’ लिखी चादरों को शरीर पर लपेटे नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे की चादरों और बेडरोल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि वायरल वीडियो में दिख रहे लोगों ने ये चादरें रेलवे से चोरी की हैं या नहीं।

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इस बीच रेलवे के बेडरोल आइटम के गायब होने से जुड़े आंकड़े सामने आए हैं, जो काफी चौंकाने वाले हैं। RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच रेलवे के AC कोचों से 1.27 करोड़ से ज्यादा बेडरोल आइटम गायब होने की जानकारी सामने आई है।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तीन लोग शरीर पर रेलवे की चादर जैसी दिखने वाली चादरें लपेटे नजर आ रहे हैं। इन चादरों पर ‘Western Railway’ लिखा हुआ दिखाई देता है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसे रेलवे की चादरों की चोरी से जोड़ना शुरू कर दिया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अभी यह साबित नहीं हुआ है कि वीडियो में नजर आ रहे लोगों ने वास्तव में रेलवे से ये चादरें चुराई थीं। इसलिए वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
4 साल में 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम गायब
वायरल वीडियो के बीच रेलवे के बेडरोल से जुड़ा एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की RTI आधारित रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच 1.27 करोड़ से ज्यादा बेडरोल आइटम गायब होने की जानकारी मिली है।
इनमें बेडशीट, तौलिया, कंबल, तकिया और पिलो कवर जैसे सामान शामिल हैं। इन सभी सामान की अनुमानित कीमत 104 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है।
54 रेलवे डिवीजनों के जवाब से सामने आया आंकड़ा
इस आंकड़े के लिए इंडियन एक्सप्रेस ने भारतीय रेलवे के 69 डिवीजनों को RTI भेजी थी। रिपोर्ट के अनुसार, 54 डिवीजनों और 16 रेलवे जोन से जवाब मिले। इन्हीं उपलब्ध जवाबों के आधार पर 1.27 करोड़ से ज्यादा लिनेन आइटम के गायब होने का आंकड़ा सामने आया है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2022 से 2025 के बीच ऐसे मामलों में 56 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
कौन-कौन सा सामान सबसे ज्यादा गायब हुआ?
रेलवे के AC कोचों में यात्रियों को सफर के दौरान बेडरोल के तौर पर कई सामान दिए जाते हैं। RTI से मिले आंकड़ों में बड़ी संख्या में तौलिया, बेडशीट, पिलो कवर, कंबल और तकिए के गायब होने की जानकारी दर्ज है।
बेडरोल यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराया जाता है और यात्रा खत्म होने के बाद इसे वापस लिया जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में सामान का गायब होना रेलवे के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
1.27 करोड़ का आंकड़ा पूरे रेलवे का नहीं
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम का आंकड़ा पूरे भारतीय रेलवे का 100 प्रतिशत पूरा आंकड़ा नहीं है। यह उपलब्ध RTI जवाबों पर आधारित है।
54 रेलवे डिवीजनों से मिले आंकड़ों के अलावा कुछ डिवीजनों ने सभी कैटेगरी का पूरा डेटा उपलब्ध नहीं कराया था। इसलिए इस आंकड़े को उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सामने आया आंकड़ा माना जाना चाहिए।
वायरल वीडियो ने फिर खड़े किए सवाल
रेलवे की चादर ओढ़े तीन लोगों का वीडियो वायरल होने के बाद बेडरोल के गायब होने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि वायरल वीडियो और RTI में सामने आए आंकड़ों के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध साबित नहीं हुआ है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसकी वास्तविकता की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। दूसरी ओर, RTI के आंकड़े रेलवे के बेडरोल आइटम के बड़े पैमाने पर गायब होने की जानकारी जरूर सामने रखते हैं।









