सोशल संवाद/डेस्क : दूरसंचार विभाग ने सोमवार को फर्जी ढंग से सिम जारी करने, दूरसंचार पहचान संख्या के गलत इस्तेमाल, आईएमईआई नंबर से छेड़छाड़ को लेकर सावधान किया है। विभाग ने कहा कि ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
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मध्य प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र में ऐसा मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि छत्तीसगढ़ में एक प्वाइंट ऑफ सेल एजेंट ने नागरिकों के दस्तावेजों का उनकी जानकारी के बिना इस्तेमाल कर 25 मोबाइल कनेक्शन जारी किए। इसके बाद दूरसंचार विभाग और संबंधित कंपनियों ने पीओएस एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया। साथ ही भविष्य में नई सिम जारी करने पर रोक लगा दी।
गलत इस्तेमाल पर ग्राहक भी होगा जिम्मेदार
दूरसंचार विभाग ने कहा कि अपने नाम पर जारी सिम दूसरे को देना या बेचना भारी पड़ सकता है। अगर उस सिम का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधि में होता है, तो मूल ग्राहक की भी कानूनी जिम्मेदारी होगी। ऐसे में संचार साथी पोर्टल सिम की जांच करते रहे।










