सोशल संवाद/जमशेदपुर : उत्तर बिहार से बिहार, बंगाल व झारखंड के बीच चलने वाली ट्रेन 18181/82 टाटा-थावे एक्सप्रेस अब एलएचबी रैक के साथ चलेगी. 27 मार्च को चलने वाली 18181 टाटानगर-थावे एक्सप्रेस और 29 मार्च को चलने वाली 18182 थावे-टाटानगर एक्सप्रेस में कुल 22 कोच होंगे. एलएचबी कोच यात्रियों को उत्कृष्ट कोचों की तुलना में सुरक्षित, आरामदायक एवं आधुनिक यात्रा का अनुभव देती है. इनमें स्टेनलेस स्टील बॉडी, एंटी-टेलीस्कोपिक डिजाइन, डिस्क ब्रेक, हाइड्रोलिक सस्पेंशन, बायो-ट्वॉयलेट एवं चार्जिंग प्वाइंट जैसी सुविधाएं होती हैं.
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क्या है एलएचबी कोच :
एलएचबी कोच का नाम इसका निर्माण करने वाली जर्मनी की कंपनी लिंक हाफमैन बुश से पड़ा है. एलएचबी कोच यात्रियों के लिए काफी आरामदायक होता है. रेल परिचालन की दृष्टि एलएचबी कोच काफी सुरक्षित है. यह कोच सामान्य कोच की अधिकतम गति 110-130 किमी की तुलना में 160 से भी अधिक की गति के लिए डिजाइन की गई है. इन कोचों में सामान्य कोचों की तुलना में ज्यादा जगह होती है. एक सामान्य आइसीएफ स्लीपर कोच में 72 बर्थ हैं, जबकि एलएचबी स्लीपर कोच में 80 बर्थ होती है. एलएचबी कोच में हाइड्रोलिक सस्पेंशन का प्रयोग किया जाता है.
पांच स्लीपर कोच घट जायेंगे
रैक में बदलाव के बाद टाटा थावे एक्सप्रेस में पांच स्लीपर कोच घट जायेंगे. इस ट्रेन में फिलहाल 12 स्लीपर कोच हैं, जो घटकर सात हो जायेंगे. अभी कुल चार एसी कोच हैं, जो बढ़कर नौ हो जायेंगे. श्री एसी के दो, थ्री एसी इकोनॉमी के दो और टू टियर एसी का एक कोच बढ़ जायेगा.









