सोशल संवाद/डेस्क : जम्मू-कश्मीर के डोडा हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार सुबह डोडा जिले के भद्रवाह-चंबा मार्ग पर भारतीय सेना का एक वाहन भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। खन्नी टॉप के पास दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में सेना का वाहन अनियंत्रित होकर करीब 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में देश के 10 वीर जवानों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
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ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेना की यह टीम गुरुवार सुबह एक नियमित ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए रवाना हुई थी। भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास पहुंचते ही सड़क के तीव्र मोड़ और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद सेना का वाहन गहरी खाई में जा गिरा। वाहन में कुल 20 जवान सवार थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आई चुनौतियां
हादसे की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। खड़ी चढ़ाई, घना जंगल और संकरी सड़क के कारण राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद जवानों और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, मौके पर ही 10 जवानों की शहादत हो गई, जबकि 10 जवान घायल अवस्था में पाए गए।
घायलों को एयरलिफ्ट कर भेजा गया अस्पताल
घायल जवानों को पहले उप जिला अस्पताल भद्रवाह ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट कर उधमपुर स्थित सेना के कमांड अस्पताल भेजा गया। सेना के वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में सभी घायलों का इलाज जारी है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उपराज्यपाल ने जताया शोक
हादसे पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर शोक संदेश साझा करते हुए कहा कि डोडा में हुए इस दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में देश ने अपने 10 बहादुर सपूत खो दिए हैं। उन्होंने कहा कि जवानों की सेवा भावना और बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। शोक संतप्त परिवारों के प्रति उन्होंने गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पूरे देश में शोक की लहर
इस हादसे की खबर फैलते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। सोशल मीडिया पर लोग जवानों की बहादुरी को याद करते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट कर रहे हैं।
पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा को लेकर सवाल
डोडा जिले की पहाड़ी सड़कों पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और खराब मौसम अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इस हादसे के बाद एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सैन्य और नागरिक वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है।
जांच के आदेश, कारणों का पता लगाया जा रहा
सेना की ओर से हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। शुरुआती तौर पर इसे सड़क की खराब स्थिति और भौगोलिक कठिनाइयों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन तकनीकी कारणों की भी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।










