---Advertisement---

जनजाति मंत्री जमीनें लेने में व्यस्त, विभाग में हो रहा व्यापक भ्रष्टाचार: सांसद राजकुमार रोत

By Muskan Thakur

Published :

Follow

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/जयपुर: भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने आदिवासी बहुल क्षेत्र में सरकार के संरक्षण में भू-माफियाओं के बढ़ते आतंक, व्याप्त भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लापरवाही और पेपरलीक प्रकरणों में लीपापोती कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाए। उन्होंने शनिवार को यहां प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में सरकार की नीतियों और प्रशासनिक संरक्षण में पनप रहे भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों को मीडिया के समक्ष रखा। उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय एवं दिल्ली में धरना देने की चेतावनी दी है।

ये भी पढे : मुस्लिम समुदाय की हथेली पर खड़ा होकर ऊंचा दिखते हैं बन्ना

बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने

उदयपुर में आदिवासी परिवार की ज़मीन हड़पने का आरोप लगाते हुए कहा कि उदयपुर में भू-माफिया और पुलिस की मिलीभगत से आदिवासी विधवा कुकीबाई की करोड़ों की ज़मीन हड़पने का कार्य किया जा रहा है। स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताने वाले व्यक्ति द्वारा डराने-धमकाने और फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए 2.09 करोड़ के सौदे को 12.51 लाख में दोबारा रजिस्टर्ड कराया गया। ये लोग स्वयं को मुख्यमंत्री के रिश्तेदार बताकर परिवार को धमका रहे हैं। परिवार पर इतना दबाव बनाया गया कि उनसे ज़बरदस्ती चेक ले लिए गए। परिवार के एक सदस्य को झूठे मामलों में जेल में डाल दिया गया। पीड़ित परिवार से लगभग 40 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई, जिसकी कहीं भी पुलिस रिकॉर्ड में एंट्री नहीं है।

इस पूरे मामले के लिए एक पुलिस उपाधीक्षक को विशेष रूप से पाली से उदयपुर तैनात किया गया, जिन्होंने आदिवासी परिवार के साथ दुर्व्यवहार, धमकी और गुंडागर्दी की। पीड़ित परिवार पिछले डेढ़ महीने से न्याय के लिए प्रयासरत है। इस संबंध में मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रोत ने इस मामले में संलिप्त पुलिस अधिकारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस पर ध्यान नहीं देती है तो वह जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने धरना देंगे और उसके बाद पीड़ित परिवार के साथ दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास जाऊंगा।

उन्होंने कहा कि जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी बार-बार बांसवाड़ा आ रहे हैं तो हमने सोचा विकास कराएंगे, लेकिन वह जमीनें कब्जाने में लग गए। उन्होंने एक आदिवासी परिवार की 52 बीघा जमीन ले ली। सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि मंत्रीजी जमीनें लेने में व्यस्त हैं और विभाग में भ्रष्टाचार हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग के 1500 करोड़ रुपये का बजट लैप्स होने से आदिवासियों का विकास ठप हो गया है। नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को 50 करोड़ रुपए की सामग्री की सप्लाई बिना टेंडर दी गई। छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में भोजन सामग्री खरीद में करीब 40 करोड़ रुपये की अनियमितता का मामला सामने आया है।

उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ सहित पांच जिलों में सरकारी नियमों (RTPP) को ताक पर रखकर बिना टेंडर बड़े पैमाने पर खरीद की गई। नियमों के विरुद्ध जाकर यह खरीद उन छात्रावास अधीक्षकों से कराई गई, जिनके पास इसका वैधानिक अधिकार नहीं है। प्रतापगढ़ में एक सीमित कार्यक्षेत्र वाली निजी संस्था से फर्जी सप्लाई दिखाने और ई-टेंडरिंग से बचने के लिए टुकड़ों में बिल बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। कागजों में दर्ज 50% सामग्री धरातल पर पहुंची ही नहीं।

सांसद ने कहा कि छात्रावासों की हालत बदतर है और इन्हें राजनीतिक व धार्मिक गतिविधियों का अड्डा बना दिया गया है। हिंदू सम्मेलनों के बहाने छात्रावासों में राजनीतिक सम्मेलन किए जा रहे हैं। छात्रावास अधीक्षक बीजेपी के प्रचारक बनकर बच्चों पर ध्यान देने के बजाय विराट हिंदू सम्मेलन कराने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का विद्यार्थियों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। हाल ही में सिरोही छात्रावास में एक छात्र की बीमारी से तड़प-तड़पकर मौत हो गई। पराकाष्ठा यह है कि विभाग में कमिश्नर के फर्जी हस्ताक्षर कर नियुक्तियाँ तक निकाली जा रही हैं। उन्होंने विभाग में व्याप्त इस अराजकता की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही की मांग की है।

सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक प्रकरणों में सिर्फ लीपापोती कर युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या अकेले बाबूलाल कटारा ने पेपर लीक किए थे? कटारा को सदस्य बनाने की अनुशंसा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है। एसओजी जांच में मंजू शर्मा का नाम आया। उन्होंने बीच में सदस्य पद क्यों छोड़ा? उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने हाल ही में जेल में कटारा से मुलाकात का दावा करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, जिसमें पूर्व RPSC अध्यक्षों और सदस्यों की भूमिका की गहन जांच की मांग की गई है। सरकार इस मामले में कठोर कदम क्यों नहीं उठा रही है।

सांसद ने कहा कि सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर अनुसूचित जाति/जनजाति की भूमि पर दबावपूर्वक अधिग्रहण एवं कन्वर्जन की आड़ में लूट की जा रही है। जमीनों को सोलर प्रोजेक्ट के नाम पर कन्वर्ट करके खेती की जा रही है, उद्योग एवं अन्य गतिविधियां की जा रही है।

सांसद ने कहा कि राज्य सरकार का आदिवासी क्षेत्र के विकास पर कोई ध्यान नहीं है। केवल वहां के संसाधनों पर नजर है। आदिवासी क्षेत्रों में राजकीय विद्यालयों की दुर्दशा हो रही है। स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा रही है। सिंचाई एवं पेयजल के प्रोजेक्ट अटकाए जा रहे हैं। इस अवसर पर आसपुर विधायक उमेश मीणा, चौरासी विधायक अनिल कटारा, धरियावद विधायक थावरचंद डामोर एवं बागीदौरा विधायक जय कृष्ण पटेल भी उपस्थित थे।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---