सोशल संवाद / झारखंड : यह एक अकाट्य सत्य है कि अगर केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार नहीं बनी होती तो शायद झारखंड राज्य के लिए हमें लंबा इंतजार करना पड़ता। सन 1999 में अटल चुनावी सभा को संबोधित करने दुमका आए थे।
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इसमें अटल ने कहा था अगर आप मेरी सरकार बनवायें, तो मैं आपको अलग राज्य का तोहफा दूंगा। भाजपा की सरकार बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने हम लोगों के कई दशक पुराने आंदोलन को सम्मान दिया।
बिहार की तत्कालीन राष्ट्रीय जनता दल सरकार के विरोध के बावजूद 15 नवंबर 2000 को अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड को अलग राज्य बना दिया।
उस से पहले की कांग्रेस सरकारें झारखंड आंदोलन को कुचलने और आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाने में लगी हुई थी। वहीं अटल ने ना सिर्फ अलग झारखंड राज्य बनाया, बल्कि संथाली भाषा को मान्यता और केंद्र में आदिवासियों के लिए अलग जनजातीय मंत्रालय का गठन भी उनके कार्यकाल में हुआ।










