सोशल संवाद/डेस्क : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के दूसरे दिन बरेली में एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिली। सिलाई विषय की परीक्षा में जिले भर से एक भी छात्र (बालक) शामिल नहीं हुआ। यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। परीक्षा के दौरान कंप्यूटर और सिलाई के पेपर को छात्रों ने अपेक्षाकृत आसान बताया, जबकि नागरिक शास्त्र के कुछ प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को उलझन में डाल दिया।
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सिलाई विषय में केवल छात्राएं हुईं शामिल
द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट की सिलाई परीक्षा आयोजित की गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में किसी भी बालक ने सिलाई विषय का चयन नहीं किया था। कुल 89 छात्राएं पंजीकृत थीं, जिनमें से 85 परीक्षा में उपस्थित रहीं और चार अनुपस्थित रहीं। इस तरह सिलाई परीक्षा में बालकों की संख्या शून्य रही। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह विषय वैकल्पिक है और विषय चयन छात्रों की रुचि पर निर्भर करता है।
अन्य विषयों में उपस्थिति का आंकड़ा
पहली पाली में इंटरमीडिएट व्यवसायिक परीक्षा में 552 पंजीकृत बालकों में से 520 उपस्थित रहे, जबकि 32 अनुपस्थित रहे। वहीं 555 बालिकाओं में से 471 ने परीक्षा दी और 84 अनुपस्थित रहीं। हाईस्कूल कंप्यूटर परीक्षा में 464 बालकों में से 454 और 380 बालिकाओं में से 369 छात्राएं उपस्थित रहीं। नागरिक शास्त्र की परीक्षा में भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शामिल हुए। कुल 1,908 बालकों में से 1,756 उपस्थित रहे, जबकि 152 अनुपस्थित रहे। 3,476 बालिकाओं में से 3,355 ने परीक्षा दी और 121 अनुपस्थित रहीं।
कड़ी निगरानी में हुई परीक्षा
जिले में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई और प्रश्नपत्र वितरण व्यवस्था की भी जांच की गई। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और नकल की कोई सूचना नहीं मिली।
परीक्षा के बाद ट्रैफिक जाम से परेशानी
हालांकि परीक्षा शांतिपूर्ण रही, लेकिन परीक्षा समाप्ति के बाद कई मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। अवैध पार्किंग और वाहनों की भीड़ के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई छात्र-छात्राएं घंटों तक जाम में फंसे रहे। अभिभावकों ने प्रशासन से परीक्षा के दिनों में यातायात व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है, ताकि छात्रों को असुविधा न हो।
आगे की परीक्षाओं पर नजर
शिक्षा विभाग के अनुसार आगामी दिनों में अन्य प्रमुख विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने का आश्वासन दिया है। बरेली में सिलाई परीक्षा में एक भी छात्र के शामिल न होने की घटना ने शिक्षा व्यवस्था और विषय चयन के पैटर्न पर नई चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलती शैक्षिक प्राथमिकताओं और सामाजिक धारणा का भी संकेत हो सकता है।










