सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सदन में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे माहौल काफी गरमा गया।
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सत्ता पक्ष का आरोप जनता में मचा है हाहाकार
सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है। उनका दावा था कि ईंधन और गैस की कीमतों का असर सीधे तौर पर महंगाई पर पड़ रहा है और इसका बोझ आम लोगों पर बढ़ता जा रहा है।
विपक्ष ने कहा यह सिर्फ राजनीतिक नौटंकी
विपक्षी दलों ने सत्ता पक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक नौटंकी बताया। उनका कहना था कि सरकार जनता की समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।
सदन में गरमाया माहौल
ईंधन की कीमतों को लेकर हुई बहस के दौरान कई बार सदन का माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के विधायक एक-दूसरे पर तीखे बयान देते नजर आए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई और ईंधन की कीमतें आने वाले समय में भी राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनी रह सकती हैं।
जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस जारी
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें सीधे आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। इसलिए बजट सत्र में इन मुद्दों पर चर्चा होना स्वाभाविक है और आने वाले दिनों में भी यह विषय सदन की बहस का केंद्र बना रह सकता है।
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में ईंधन की कीमतों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। इस मुद्दे ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है और आगे भी इस पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।









