सोशल संवाद/डेस्क: अमेरिका ने Venezuela में एक सुनियोजित और बेहद गोपनीय सैन्य अभियान के जरिए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के शासन का अंत कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, “एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नाम का यह ऑपरेशन कई महीनों की तैयारी के बाद अंजाम दिया गया और शुरू होने के आधे घंटे से भी कम समय में पूरा हो गया। कुछ ही घंटों के भीतर मादुरो की सत्ता पूरी तरह समाप्त हो गई।
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जिस वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पर अपनी सेहत और पवन टर्बाइनों को लेकर पोस्ट कर रहे थे, उसी दौरान यह सैन्य कार्रवाई अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी थी। हमले से पहले अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के तट के पास अपनी गतिविधियां बढ़ा दी थीं और खुफिया एजेंसियां मादुरो की दिनचर्या, ठिकानों और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखे हुए थीं।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभ्यास के लिए मादुरो के आवास जैसा ही एक मॉडल तैयार किया गया था, ताकि हर परिस्थिति में ऑपरेशन को सटीक तरीके से अंजाम दिया जा सके। कार्रवाई के दौरान जिस शहर में मादुरो मौजूद थे, वहां की बिजली व्यवस्था लगभग पूरी तरह बंद कर दी गई थी। ट्रंप ने इसे एक किले जैसा सुरक्षित ठिकाना बताया।
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि इस मिशन की तैयारी बेहद व्यापक थी, जिसमें बार-बार योजना, प्रशिक्षण और अभ्यास किया गया ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने रात करीब साढ़े दस बजे मिशन को हरी झंडी दी, जिसके बाद रातोंरात ऑपरेशन शुरू हुआ। मौसम साफ होने का इंतजार किया गया और पहचान से बचने के लिए हेलिकॉप्टर समुद्र की सतह के बेहद करीब उड़ाए गए। वेनेजुएला की एयर डिफेंस प्रणाली को निष्क्रिय करने के बाद 150 से ज्यादा अमेरिकी विमान उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए और ऑपरेशन को निर्णायक रूप दिया गया।










