सोशल संवाद / नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं का भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का सिलसिला जारी है। सोमवार को उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष हीरा ठाकुर भाजपा पर जातिगत जनगणना के मुद्दे पर पिछड़े वर्गों से विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कांग्रेस में शामिल हो गए। कर्पूरी ठाकुर विचार मंच के अध्यक्ष हीरा ठाकुर 12 वर्षों तक विधान परिषद के सदस्य रहे हैं और उन्होंने सभापति एवं नेता-उपनेता जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद और सांसद राकेश राठौर ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया।
हीरा ठाकुर का स्वागत करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार केवल चुनिंदा पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है। सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने, युवाओं से रोजगार का अधिकार छीनने और शिक्षा को महंगा करने के खिलाफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की लड़ाई से प्रभावित होकर आज पिछड़ा और अति-पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के साथ जुड़ रहा है।
डॉ. अनिल जयहिंद और राकेश राठौर ने कहा कि लंबे समय तक भाजपा के बड़े नेता रहे हीरा ठाकुर का कांग्रेस में शामिल होना अति-पिछड़ा समाज के अधिकारों की लड़ाई को एक नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि हीरा ठाकुर उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रहने के अलावा कर्पूरी ठाकुर विचार मंच के माध्यम से वर्षों से अति-पिछड़ों के हक के लिए संघर्षरत रहे हैं।
डॉ. अनिल जयहिंद ने बताया कि हाल ही में गृह मंत्रालय द्वारा जातिगत जनगणना को लेकर जारी अधिसूचना में ओबीसी की श्रेणी को ही गायब कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि संविधान में एससी, एसटी और ओबीसी तीनों वर्गों को संवैधानिक दर्जा हासिल है, लेकिन सरकार की नीयत ओबीसी आरक्षण और उनके अस्तित्व को धीरे-धीरे समाप्त करने की है। उन्होंने कहा कि जनगणना की प्रश्नावली में ओबीसी का नाम न होने से इस पिछड़ा वर्ग में भारी रोष है।
उन्होंने कहा कि हीरा ठाकुर वर्षों से पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के लिए लड़ते रहे हैं। लेकिन जातिगत जनगणना में जिस तरह से पिछड़ा वर्ग के साथ धोखा हुआ, उससे आहत होकर उन्होंने मनुवादी मानसिकता वाली भाजपा का साथ छोड़ दिया है।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद हीरा ठाकुर ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी का कोई भी नेता सच नहीं बोल रहा है। देश में जननायक कर्पूरी ठाकुर जी पहले ऐसे नेता थे जिन्होंने बिहार में पिछड़ों को आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की शुरुआत की थी, लेकिन पिछड़ों की एक बड़ी आबादी आज भी अधिकारों से वंचित रह गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना के मुद्दे को सड़क से संसद तक मजबूती से उठाया है, लेकिन सरकार द्वारा जनगणना के एजेंडे में पिछड़ी जातियों के साथ वादाखिलाफी की गई।










