सोशल संवाद / डेस्क : भारतीय रेलवे लंबी दूरी और रात की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी में है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) 24 कोच वाली 50 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। नई ट्रेनों के आने के बाद देश के कई और लंबी दूरी वाले रेल मार्गों पर वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
50 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट बनाने की तैयारी
वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत मुख्य रूप से दिन के समय चलने वाली चेयर कार सेवा के तौर पर हुई थी। हालांकि, लंबी दूरी के यात्रियों के लिए रात में सफर करने वाली आधुनिक स्लीपर ट्रेन की मांग लगातार बनी रही। इसी जरूरत को देखते हुए रेलवे अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आईसीएफ के महाप्रबंधक मनीष अग्रवाल के अनुसार, स्वदेशी 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के उत्पादन से जुड़े रेखाचित्र तैयार हो चुके हैं। इनमें कोच की संरचना, कोचों को आपस में जोड़ने वाली प्रणालियां और अंडरफ्रेम में लगाए जाने वाले उपकरणों से संबंधित डिजाइन शामिल हैं।
24 कोच वाली ट्रेन में होगी ज्यादा यात्री क्षमता
मौजूदा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 कोच हैं, जबकि प्रस्तावित नई ट्रेनसेट में 24 कोच होंगे। यानी नई ट्रेन मौजूदा 16 कोच वाली संरचना की तुलना में करीब 50 प्रतिशत अधिक कोच के साथ चलेगी। इससे प्रति ट्रेन यात्रियों को ले जाने की क्षमता बढ़ेगी और व्यस्त लंबी दूरी वाले रेल मार्गों पर ज्यादा यात्रियों को आधुनिक स्लीपर सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर में क्या होगा?
भारतीय रेलवे ने अभी तक नई 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अंतिम कोच संरचना आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की है। हालांकि, सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक संभावित संरचना में ये कोच शामिल हो सकते हैं:
- 17 एसी थ्री-टियर कोच
- 5 एसी टू-टियर कोच
- 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच
- 1 पैंट्री कार
ध्यान दें: यह संभावित संरचना है। अंतिम कोच संयोजन की आधिकारिक पुष्टि रेलवे की ओर से किया जाना बाकी है।
अभी कहां चल रही है वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?
देश में वर्तमान वंदे भारत स्लीपर सेवा हावड़ा-कामाख्या के बीच संचालित हो रही है। मौजूदा ट्रेन में 16 कोच हैं, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं। नई 24 कोच वाली ट्रेनसेट के निर्माण के बाद रेलवे के पास अधिक संख्या में स्लीपर ट्रेनें उपलब्ध होंगी। इससे भविष्य में अन्य लंबी दूरी के रूटों पर भी ऐसी सेवाओं के विस्तार की संभावना बढ़ेगी।
लंबी दूरी के यात्रियों को क्या फायदा होगा?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का उद्देश्य रात की यात्रा को अधिक आरामदायक और तेज बनाना है। इन ट्रेनों के विस्तार से यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ लंबी दूरी की यात्रा का विकल्प मिल सकता है।
खासकर ऐसे यात्रियों के लिए यह सेवा महत्वपूर्ण हो सकती है, जो रात में सफर करके अगले दिन सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचना चाहते हैं।
अमृत भारत एक्सप्रेस 3.0 में भी बड़ा बदलाव
वंदे भारत स्लीपर के साथ अमृत भारत एक्सप्रेस 3.0 को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अगली पीढ़ी की अमृत भारत ट्रेनों में एसी, जनरल और स्लीपर क्लास के कोच शामिल किए जाने की उम्मीद है। मौजूदा अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में मुख्य रूप से जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोच होते हैं। नई पीढ़ी की ट्रेनों में एसी कोच शामिल होने से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिल सकता है।
रेलवे की प्रीमियम ट्रेन सेवाओं को मिलेगा विस्तार
वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत की अगली पीढ़ी की ट्रेनों की योजनाएं भारतीय रेलवे के लंबी दूरी के यात्री नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
50 नई 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार होने के बाद रेलवे को लंबी दूरी के कई व्यस्त रूटों पर स्लीपर सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन ट्रेनों के लॉन्च की तारीख, रूट और अंतिम कोच संरचना को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।









