सोशल संवाद/डेस्क : भारतीय सिनेमा में जहां आज संवाद, बैकग्राउंड स्कोर और तेज़ कट्स कहानी कहने का अहम ज़रिया बन चुके हैं, वहीं ‘Gandhi Talks’ के निर्देशक किशोर पांडुरंग बेलेकर के जरिए दर्शकों को सिनेमा के मूल स्वरूप से रूबरू कराने जा रहे हैं। फिल्म का टीजर रिलीज हो चुका है और खास बात यह है कि पूरी फिल्म में एक भी डायलॉग नहीं होगा।
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30 जनवरी को होगी सिनेमाघरों में रिलीज
‘Gandhi Talks’ को 30 जनवरी 2026, यानी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के दिन सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। मेकर्स ने इस तारीख को खास तौर पर चुना है ताकि बापू के विचारों और उनकी विचारधारा को एक अलग सिनेमाई अंदाज़ में दर्शकों तक पहुंचाया जा सके। टीजर के साथ रिलीज डेट की भी आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।

‘Gandhi Talks’ के टीजर ने बढ़ाई उत्सुकता
टीजर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। बिना संवाद के भी टीजर प्रभाव छोड़ता नजर आता है। विजुअल्स, किरदारों के हाव-भाव और बैकग्राउंड म्यूजिक मिलकर एक गंभीर लेकिन दिलचस्प माहौल रचते हैं। टीजर के अंत में लिखा गया संदेश “उनकी खामोशी ने एक साम्राज्य को हिला दिया” फिल्म की थीम को मजबूती से दर्शाता है।
क्या है ‘गांधी टॉक्स’ की कहानी
‘Gandhi Talks’ एक साइलेंट ब्लैक कॉमेडी फिल्म है, जो सामाजिक और आर्थिक संघर्षों को अलग नज़रिए से पेश करती है। कहानी महादेव नाम के एक युवा बेरोज़गार ग्रेजुएट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो नौकरी की तलाश में भटक रहा है। इसी तलाश में उसकी मुलाकात एक व्यापारी और एक छोटे अपराधी से होती है। फिल्म में संवादों की जगह संगीत, भाव-भंगिमाएं और दृश्य भाषा के ज़रिए कहानी आगे बढ़ती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।
कलाकारों की दमदार मौजूदगी
फिल्म में विजय सेतुपति मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके अलावा अरविंद स्वामी, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव भी अहम किरदार निभाते दिखेंगे। टीजर में विजय सेतुपति को एक गंभीर अवतार में दिखाया गया है, जबकि अदिति राव हैदरी का सादगी भरा लुक ध्यान खींचता है। सभी कलाकार बिना बोले अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आते हैं, जो मूक सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत होती है।
एआर रहमान का संगीत बनेगा कहानी की आवाज
फिल्म का संगीत ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने दिया है। चूंकि फिल्म में संवाद नहीं हैं, ऐसे में संगीत की भूमिका और भी अहम हो जाती है। टीजर से ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि बैकग्राउंड स्कोर कहानी को भावनात्मक गहराई देने का काम करेगा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहले ही मिल चुकी सराहना
‘Gandhi Talks’ को साल 2023 में गोवा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जा चुका है, जहां इसे दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। यह फिल्म उस महोत्सव में दिखाई जाने वाली पहली मूक फिल्म भी रही, जिसने इसे खास पहचान दिलाई।
क्या दर्शकों को पसंद आएगा यह प्रयोग?
आज के दौर में मूक फिल्म बनाना एक साहसिक प्रयोग माना जाता है। लेकिन ‘Gandhi Talks’ का टीजर यह संकेत देता है कि कहानी और प्रस्तुति के दम पर यह फिल्म दर्शकों से जुड़ सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि खामोशी के जरिए कही गई यह कहानी बॉक्स ऑफिस पर क्या असर छोड़ती है।










