Dr Abhishek Child Care

विक्रमजीत सिंह का कार्यकाल अभी आधे से भी ज्यादा था, फिर भी उनका तबादला हो गया: सौरभ भारद्वाज

By Riya Kumari

Published :

Follow
विक्रमजीत सिंह का कार्यकाल अभी आधे से भी ज्यादा था, फिर भी उनका तबादला हो गया: सौरभ भारद्वाज
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एसीबी चीफ और जॉइंट सीपी विक्रमजीत सिंह का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उनका तबादला होने पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने पूछा कि क्या एसीबी प्रमुख को दवा घोटाले की ईमानदारी से जांच करने की सजा दी गई है? उनका कार्यकाल तो अभी आधे से भी ज्यादा था, फिर तबादला क्यों हो गया? उन्होंने कहा कि चर्चा है कि दवा घोटाले की गहराई से जांच जारी रहती तो भाजपा सरकार के कई बड़े लोग फंसते। इसलिए सरकार की ओर से विक्रमजीत पर जांच हल्का करने का दवाब बनाया जा रहा था।

यह भी पढे : आडवाणी, एस. जयशंकर, मनीष सिसोदिया को एसआईआर का नोटिस

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि रेखा गुप्ता की सरकार में 650 करोड़ रुपए का जो दवा और उपकरण घोटाला पकड़ में आया था, उसमें कुछ दिनों पहले एसीबी ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दायर कर दी है। इससे भी अजीब बात यह है कि चार्जशीट दायर करने के तुरंत बाद एसीबी के चीफ और जॉइंट कमिश्नर विक्रमजीत सिंह का अचानक तबादला कर दिया गया है। उनका कार्यकाल अभी आधे से भी ज्यादा बचा हुआ था, मगर उनका तबादला हो गया।

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि बहुत सारे लोग मेरी तरह इसे जोड़ कर देख रहे हैं क्योंकि मैंने बार-बार यह बात कही है कि भाजपा सरकार की तरफ से यह दबाव है कि इस मामले की जांच को ज्यादा ना कुरेदा जाए। अगर इसे कुरेदा जाएगा तो भाजपा सरकार के बड़े-बड़े लोग इस घोटाले के अंदर फंसेंगे।

सौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि हमने बताया था कि कैसे राजीव रंगीला को इस पूरे मामले के अंदर एक किंगपिन बताया जा रहा था। उस आदमी ने नकली और शेल कंपनियां बनाईं और उसी हिसाब से टेंडर की शर्तें भी तय कीं ताकि इन्हीं कंपनियों को टेंडर मिलें। अस्पताल ने 150 रुपए की चादर 450 रुपए में खरीदी, 2.5 रुपए का ओआरएस 15 रुपए में खरीदा गया और 10 लाख रुपए में मिलने वाली पोर्टेबल एक्स-रे मशीन 33 लाख रुपए में खरीदी गई। दो मशीनों का टेंडर करके 448 मशीनें खरीद ली गईं और ऐसे घपलों की बहुत लंबी लिस्ट है। 100 करोड़ रुपए की दवाइयां 400 करोड़ रुपए में खरीदी गईं और वे दवाइयां अस्पतालों तक पहुंची ही नहीं, बल्कि बीच में ही कहीं लुट गईं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इतने बड़े घोटाले की चार्जशीट होने की खबर भी दबा दी गई। एक्साइज मामले में 100 करोड़ रुपए का एक झूठा आरोप था, तब हर प्लेटफार्म पर बढ़ा चढ़ाकर प्रचारित किया गया। लेकिन यहां 650 करोड़ रुपए के घोटाले में चार्जशीट हो गई और किसी मीडिया ने यह हिम्मत नहीं दिखाई कि एक पेज इस पर भी छाप दिया जाए।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस खबर को बिल्कुल दबाने की कोशिश की जा रही है क्योंकि इस खबर से भाजपा की बदनामी होती है। भाजपा के लोग चाहते हैं कि अगर बदनामी होगी तो उनका नैरेटिव खराब होगा, इसलिए नैरेटिव अच्छा रखा जाए चाहे भ्रष्टाचार खूब किया जाए। कोई भी मीडिया इस 650 करोड़ रुपए के घोटाले में हुई चार्जशीट की चर्चा तक नहीं करना चाहता।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version