सोशल संवाद/राँची : झारखंड राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल RIMS में मरीजों को बेहतर और तुरंत इलाज की सुविधा देने के लिए जल्द ‘वीआईपी क्लीनिक’ शुरू की जाएगी। यह देश के प्रमुख संस्थानों एम्स, सीएमसी और सीजीपीजीआई की तर्ज पर संचालित होगा।
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यहां सामान्य ओपीडी से अलग मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श और जांच की सुविधा मिलेगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल में बढ़ते दबाव को संतुलित करना व मरीजों को विकल्प देना है। शुरुआत में फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ की सेवाएं यहां उपलब्ध रहेंगी। रोजाना 10 से 15 मरीजों को ही देखा जाएगा। रिस्पॉन्स के आधार पर आगे मरीजों की संख्या व सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
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एक ही जगह पर एक्स-रे, ईसीजी और अन्य जांच इस क्लीनिक की खास बात यह होगी कि मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। परिसर में ही एक्स-रे, ईसीजी, अल्ट्रासाउंड और ब्लड जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। डॉक्टर की सलाह के बाद तुरंत जांच और जल्दी रिपोर्ट मिलने से इलाज में तेजी आएगी और मरीजों का समय बचेगा।
पेइंग वार्ड के ग्राउंड फ्लोर में होगा क्लीनिक वीआईपी क्लीनिक का संचालन रिम्स के पेइंग वार्ड के ग्राउंड फ्लोर में किया जाएगा। इसके लिए उस जगह का चयन किया गया है, जहां पहले कैंटीन चलती थी। क्लीनिक के लिए आवश्यक मेडिकल उपकरण कोल इंडिया के सीएसआर फंड से उपलब्ध कराए जाएंगे। मशीनों के आने और इंस्टॉलेशन के बाद सेवा शुरू कर दी जाएगी।
नाम वीआईपी, लेकिन सुविधा सभी श्रेणी के मरीजों के लिए नाम भले ही वीआईपी क्लीनिक हो, लेकिन यह केवल वीआईपी मरीजों के लिए नहीं होगा। कोई भी सामान्य मरीज निर्धारित शुल्क देकर यहां इलाज करा सकेगा। रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने कहा कि अस्पताल में अक्सर वीआईपी मरीजों का दबाव रहता है, जिससे सामान्य मरीज प्रभावित होते हैं। नई व्यवस्था से दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सकेगा और सभी को बेहतर सुविधा मिलेगी।









