सोशल संवाद / डेस्क : गुजरात के प्रसिद्ध गिर जंगल में एशियाई शेरों (Asiatic Lions) की लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक संदिग्ध वायरस और संक्रमण के कारण अब तक 7 शेरों की मौत हो चुकी है, जबकि 17 शेरों को निगरानी में रखकर क्वारंटाइन किया गया है।
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Gir Forest में हाई अलर्ट
वन विभाग ने गिर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया है। बीमार और कमजोर दिख रहे शेरों की लगातार मेडिकल जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू और सर्विलांस ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं।
CDV और Babesia संक्रमण की आशंका
विशेषज्ञों को आशंका है कि शेरों की मौत के पीछे Canine Distemper Virus (CDV) या Babesia संक्रमण हो सकता है। Babesia एक टिक (कीड़े) से फैलने वाला परजीवी संक्रमण है, जो जानवरों के रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इससे कमजोरी, बुखार और गंभीर स्थिति में मौत तक हो सकती है।
हालांकि गुजरात सरकार ने फिलहाल बड़े स्तर पर किसी महामारी जैसी स्थिति से इनकार किया है। वन मंत्री ने कहा कि कुछ शेरों की मौत आपसी संघर्ष और अन्य प्राकृतिक कारणों से भी हुई है।
एशियाई शेरों के संरक्षण पर बढ़ा खतरा
गिर फॉरेस्ट एशियाई शेरों का दुनिया में एकमात्र प्राकृतिक आवास माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पूरी आबादी एक ही क्षेत्र में होने के कारण किसी भी महामारी या बड़े संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। इसी वजह से लंबे समय से शेरों के लिए वैकल्पिक आवास विकसित करने की मांग उठती रही है।
लगातार बढ़ रही निगरानी
वन विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में सैंपल कलेक्शन, मेडिकल जांच और निगरानी में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।










